डेंगू और मलेरिया फीवर में कैसे जाने फर्क?
बैंगलुरू। आजकल डेंगू ने भारत में कहर बरपा दिया है, इस रोग से सबसे ज्यादा पीड़ित उत्तर भारत के लोग हैं। लेकिन डेंगू से बचने के लिए आप थोड़ी सी सावधानी रख सकते हैं लेकिन कभी-कभी अति से ज्यादा सावधानी भी लोगों के लिए मुश्किल का सबब बन जाती है।
जानिए डेंगू कब हो जाता है जानलेवा?
जिसके चलते सामान्य बुखार को लोग भी डेंगू समझ लेते हैं, आज हम आपकी इसी दुविधा को दूर करते हैं और बताते हैं कि सामान्य, डेंगू और मलेरिया तीनों फीवर में अंतर क्या होता है?
सामान्य बुखार: आजकल बरसात का मौसम चल रहा है, जिसके कारण लोगों को सर्दी, जुकाम और बुखार के रोग हो रहे हैं, अगर सर्दी के कारण आपको फीवर आ रहा है तो इसमें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप डॉक्टर्स से मिलिए और उसके बतायी दवाओं का सेवन करें।
मलेरिया बुखार: मलेरिया रोग मादा एनोफिलेज मच्छर के काटने से होता है। जिसके कारण मरीज के अंदर रक्तहीनता (एनीमिया) के लक्षण उभरते हैं जैसे चक्कर आना, साँस फूलना, द्रुतनाड़ी इत्यादि)। इसमें कंपकंपी के साथ बुखार आता है। मरीज को काफी शरीर में दर्द होता है, इसमें मरीज को 4-6 घंटे तक फीवर रहता है और जब बुखार उतरता है तो मरीज को काफी पसीना आने लगता है।
डेंगू बुखार: यह रोग अचानक तीव्र ज्वर के साथ शुरू होता है, जिसके साथ साथ तेज सिर दर्द होता है, मांसपेशियों तथा जोडों मे भयानक दर्द होता है जिसके चलते ही इसे हड्डी तोड़ बुखार कहते हैं। इसके अलावा शरीर पर लाल चकते भी बन जाते है जो सबसे पहले पैरों पे फिर छाती पर तथा कभी कभी सारे शरीर पर फैल जाते है। इसके अलावा पेट खराब हो जाना, उसमें दर्द होना, कमजोरी, दस्त लगना, ब्लेडर की समस्या, निरंतर चक्कर आना, भूख ना लगना भी लक्षण भी शामिल हैं।
डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए फिलहाल आप घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं ... जिन्हें जानने के लिए आप नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये....

विटामिन सी का प्रयोग
बारिश के मौसम में विटामिन सी को प्रमुखता से खाना चाहिए, इसके लिए आंवला और नीबू का प्रयोग नियमित रूप से अपने भोजन में करना चाहिए।

तुलसी की पत्तियाँ धोकर खाएँ
रोज सुबह उठकर 5 तुलसी की पत्तियाँ धोकर खाएँ। तुलसी की पाँच-छह पत्तियों के साथ 15 मिनट तक उबालें।

कपूर
महीने में एक या दो बार कपूर की गोली पानी के साथ लें। बच्चों को केले अथवा उबले हुए आलू में मिलाकर दे सकते हैं।

लहसुन
लहसुन की दो कलियां रोज सुबह खाली पेट कुनकुने पानी के साथ जरूर लें। इससे रोग प्रतिरोधक शक्ति में इजाफा होगा।

हल्दी का दूध
रात को सोते समय हल्दी का दूध अवश्य पीएं, यह आपको अंदर से मजबूत करेगा।

जानिए डेंगू के बारे में: लक्षण और बचाव के तरीके
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