Vyjayanthimala: अपने जमाने की सुपरस्टार थी वैजयंती माला, जानें फिल्मों से राजनीति का सफर
संगम फिल्म में अपनी बेहतरीन अदाओं से युवा दिलों की धड़कन बनने वाली अभिनेत्री वैजयंती माला को कौन नहीं जानता। वैजयंती माला पहली अभिनेत्री रहीं जिन्होंने अपने नृत्य कौशल और अदाकारी से सुपरस्टार का दर्जा अपने नाम किया था। अपने अभिनय और डांस के लिए "ट्विंकल टोज" कहे जाने वाली वैजयंती माला ने करोड़ों लोगों के दिलों में राज किया। वैजयंती माला ऐसी पहली प्रमुख अभिनेत्री थीं जो साउथ फिल्म इंडस्ट्री से बॉलीवुड में आई थीं।

मां से मिली एक्टिंग की प्रेरणा
वैजयंती माला का जन्म 13 अगस्त 1933 में मद्रास में हुआ था। इनकी मां वसुंधरा देवी दक्षिण की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक थीं। वहीं वैजयंती माला भी अपनी मां की तरह ही सुपरहिट होने का सपना देखती थीं। ऐसे में उन्होंने काफी मेहनत की और नृत्य कला में अपना हुनर बढ़ाया। महज 13 साल की उम्र में वैजयंती माला ने अपनी पहली तमिल फिल्म वड़कई से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद 1951 में उन्होंने हिंदी फिल्म बहार से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। उस समय दर्शकों ने उनके अभिनय को काफी पसंद किया था। वैजयंती माला ने 1957 में फिल्म देवदास में काम किया। फिल्म में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें फिल्म फेयर पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट फिल्म करते हुए दर्शकों के दिलों पर वर्षों तक राज किया।
राज कपूर के साथ अफेयर के चर्चे
आजकल फिल्मी दुनिया में ये सब आम बात हो चुकी है। पर उस जमाने में अफेयर बहुत बड़ी बात होती थी। तब लोग अपनी बेटियों को फिल्म इंडस्ट्री में भेजने से कतराते थे। फिल्म संगम की शूटिंग के दौरान वैजयंती माला की राज कपूर से दोस्ती गहरी होती चली गई। इस फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए बोल्ड किरदार को कौन भूल सकता है। आपको बता दें कि यह फिल्म इन दोनों कलाकारों की साथ में आखिरी फिल्म थी। इसके बाद दोनों ने कभी साथ काम नहीं किया था। इसके पीछे भी एक कारण था। वह था राज कपूर की पत्नी कृष्णा। क्योंकि जब राज कपूर के अफेयर का पता कृष्णा को चला था तो वो घर छोड़कर चली गई थीं। इसके बाद राज कपूर उन्हें मनाकर तो ले आए पर कृष्णा ने एक शर्त रख दी थी। ये शर्त थी कि राज कभी वैजयंती माला के साथ कोई फिल्म नहीं करेंगे। और हुआ भी ऐसा ही।
अपने डॉक्टर से हुआ प्यार
राज कपूर से अलग होने के बाद वैजयंती माला ने अपना करियर जारी रखा। वह एक के बाद एक बड़ी फिल्म में नजर आने लगी थी। इसी दौरान वह बीमार हो गयी। तब वह अपना इलाज कराने के लिए डॉ. चमनलाल बाली के पास गईं थीं। इलाज के दौरान दोनों की मुलाकातें होने लगीं। ऐसे में डॉक्टर और मरीज का रिश्ता प्यार में बदल गया। 10 मार्च 1968 को वैजयंती माला ने डॉ.चमनलाल बाली से शादी कर ली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों से किनारा कर लिया। इसके बाद सिर्फ भरतनाट्यम पर ही अपना ध्यान केंद्रित करने का फैसला ले लिया।
राजनीति में वैजयंती माला
अभिनय की दुनिया में काम करने के बाद वैजयंती माला ने राजनीति में भी अपना नाम कमाया। साल 1984 में उन्होंने दक्षिण मद्रास से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इसके बाद वैजयंती माला ने 1989 का लोकसभा चुनाव भी इसी सीट से लड़ा और फिर एक बार जीत हासिल की थी। 1993 में उन्हें राज्यसभा से संसद भेजा गया। इसके बाद वर्ष 1999 में उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा को ज्वाइन कर लिया था।
वैजयंती माला की सुपरहिट फिल्में
फिल्मी करियर की बात करें तो वैजयंती माला ने नई दिल्ली, नया दौर, आशा, मधुमती, गंगा जमुना और संगम जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया था। उन्हें कई फिल्मों के लिए फिल्म फेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही भारत सरकार ने फिल्म उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा है। इसके अलावा भी उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।












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