Global Terrorist List: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कैसे करती है किसी को ग्लोबल आतंकी घोषित
एक बार फिर से पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर बेइज्जती हुई है और उनके यहां पलने वाले एक और आतंकी को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद द्वारा ग्लोबल आतंकी घोषित किया गया।

Global Terrorist List: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट (दाएश) और अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत मक्की को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया गया है। आतंकी हाफिज सईद के बहनोई मक्की ने लश्कर ए तैयबा के लिए कई भूमिकाएं भी निभाई हैं। इसमें तमाम तरीकों से संगठन के लिए अवैध धन जुटाना शामिल है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत ने 2021-22 में अपने UNSC कार्यकाल के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादियों की एक सूची बनाई थी। साल 2022 के दौरान भारत ने 1267 आईएसआईएल (दाएश) और अल कायदा' प्रतिबंध समिति के तहत 5 नाम पेश किए थे। इनमें अब्दुल रहमान मक्की (एलईटी), अब्दुल रऊफ असगर (जेईएम), साजिद मीर (एलईटी), शाहिद महमूद (एलईटी), तल्हा सईद (एलईटी) का नाम था।
अब इन 5 नामों में से प्रत्येक को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के खिलाफ शुरू में चीन ने अड़गा लगा दिया। जबकि यूएनएससी के अन्य सभी 14 सदस्य (5 स्थायी और 10 अस्थायी) उनकी लिस्टिंग के लिए सहमत थे। वहीं आतंकी अब्दुल रहमान मक्की को लेकर भारत ने 1 जून 2022 को परिषद के सामने अलग से पेश किया था। इस पर अमेरिका ने भी अपनी सहमति जताई थी। तब चीन ने 16 जून 2022 को वीटो लगाकर मामला ठंडे बस्ते में डलवा दिया। इसके 6 महीने के बाद फिर से दिसंबर के मध्य में भारत ने फिर से इस मुद्दे को तेज किया था।
भारत के खिलाफ किन हमलों में शामिल रहा है मक्की
UNSC की जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 16 जनवरी 2023 को सुरक्षा परिषद समिति ने आईएसआईएल (दाएश), अल-कायदा, और संबंधित व्यक्तियों, समूहों, उपक्रमों और संस्थाओं से संबंधित संकल्प 1267 (1999), 1989 (2011) और 2253 (2015) के अनुसार इसे मंजूरी दे दी। सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2610 (2021) के पैरा 1 में निर्धारित और अपनाई गई नीति के तहत इनकी संपत्ति जब्त होगी, यात्रा प्रतिबंध और हथियार सब पर प्रतिबंध लगेगा।
मक्की का नाम इस सूची में शामिल करते हुए यूएन ने सात आतंकवादी हमलों का हवाला दिया। जिसमें साल 2000 में लाल किले पर हुआ हमला, 2008 में हुआ रामपुर हमला, 2008 में मुंबई में हुआ 26/11 हमला और साल 2018 में गुरेज में हुए हमलों में मक्की को शामिल बताया हैं।
यहां गौर करने वाली बात ये है कि मक्की को भारत और अमेरिका पहले ही आतंकवादी घोषित कर चुके हैं। वहीं अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने उनकी जानकारी देने वाले को 20 लाख डॉलर की इनामी राशि देने का ऐलान भी किया था।

ऐसे घोषित होते हैं ग्लोबल आतंकी
दरअसल, परिषद के दिशानिर्देश के मुताबिक कोई सदस्य (पांच स्थायी) किसी भी मामले पर रोक लगाकर किसी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए अधिक समय का अनुरोध कर सकता है। इस दौरान उस मामले को परिषद द्वारा 'लंबित' माना जाएगा। अब नियम के मुताबिक परिषद के जिस सदस्य ने जिस मामले पर रोक लगाई है उसे लंबित मामले के समाधान के लिए और मामला आगे बढ़ाने के लिए तीन महीने बाद अपडेट (उनका स्टैंड) की जानकारी देनी होती है। क्या वो अब भी उस हस्तक्षेप (वीटो) पर कायम है या नहीं? अगर किसी प्रस्ताव पर रोक हटा ली जाती है तो संयुक्त राष्ट्र सचिवालय तुरंत इसकी जानकारी 'आईएसआईएल (दाएश) और अलकायदा प्रतिबंध समिति' को देगा और समिति के फैसले के बारे में संबंधित सदस्य देशों को सूचित करेगा। इसी क्रम में अब चीन के रोक हटाए जाने के बाद अब्दुल रहमान मक्की को आखिरकार यूएनएससी प्रतिबंध समिति ने एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है।
थोड़ा विस्तार से समझें, कैसे आता है प्रस्ताव?
सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों में से कोई देश इसका प्रस्ताव लाता है। बाकी सदस्य देश इस पर अपना मत रखते हैं। स्थाई सदस्यों के पास वीटो पावर होता है, इसका मतलब ऐसे प्रस्ताव पर पांचों स्थाई सदस्यों का सहमत होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रस्ताव पास नहीं होता। प्रस्ताव आने के बाद 10 वर्किंग दिनों में इस पर आपत्तियां मांगी जाती हैं। अगर कोई स्थाई सदस्य आपत्ति दर्ज नहीं करवाता तो प्रस्ताव पास हो जाता है। अगर करता है तो तीन महीने और इस पर विचार के लिए समय बढ़ाया जाता है।
प्रतिबंध लगने पर क्या होगा
प्रतिबंध लगने पर आतंकी अपनी मनमर्जी के किसी भी देश में नहीं जा सकते और कोई भी देश उसे वीजा अथवा शरण नहीं देगा। इसके अलावा, यह आतंकी किसी भी देश में अपना व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नहीं चला सकते। साथ ही, इन आतंकियों के दुनियाभर में सभी बैंक अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया जाता है। ऐसे आतंकियों से जुड़ी सभी संस्थाओं पर भी आर्थिक बैन लगा दिया जाता है। यही नहीं, जिस देश में यह छुपकर रहते हैं, उस देश को सार्वजनिक तौर पर ऐसे आतंकियों की आर्थिक गतिविधियों पर बैन लगाना पड़ता है।
ये आतंकी और संस्थाएं हैं UNSC और इंटरपोल के निशाने पर
UNSC के द्वारा व्यक्तिगत व संस्थागत आतंकियों की जो लिस्ट है, उसके मुताबिक 516 आतंकियों को लेकर नोटिस जारी किया गया है। वहीं 106 संस्थाओं को प्रतिबंधित नोटिस दिया गया है। जो UNSC और इंटरपोल दोनों के रडार पर हैं।
साथ ही बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र अब तक पाकिस्तान या उसके आसपास के क्षेत्र में स्थित या उससे जुड़े करीब 150 से ज्यादा आतंकियों व संगठनों को प्रतिबंधित कर चुका हैं। अलकायदा प्रतिबंध समिति की सूची के अनुसार, पाकिस्तान स्थित या उससे संबंध रखने वाले प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर शामिल है। सूची में शामिल कुछ संगठन पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से संचालित होते हैं।
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