Mother's Day मनाने वाले ये भी जान लें कि कब है Father's Day
नई दिल्ली। आज पूरा देश 'मदर्स डे' मना रहा है, इसमें कोई शक नहीं कि मां के पैरों में जन्नत होती है लेकिन यह भी सच है कि पिता के बिना अस्तित्व अधूरा होता है तो चलिए आज आपको बताते हैं कि 'फादर्स डे' कब है, जिससे आप आने वाले उस दिन को आज की ही तरह बड़े प्यार से सेलिब्रेट कर सकें और अपने पिता को धन्यवाद कर सकें। 'फादर्स डे' हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है, इस बार ये दिन 16 जून को है।

इतिहास
वैसे इसके इतिहास की बात करें तो आपको बता दें कि 'फादर्स डे' की मूल परिकल्पना अमेरिका की है, सबसे पहला 'फादर्स डे' 19 जून 1909 को मनाया गया। वॉशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने अपने पिता की स्मृति में इस दिन की शुरुआत की थी कहते हैं कि 'फादर्स डे' की प्रेरणा उन्हें 1909 में शुरू हुए 'मदर्स डे' से मिली थी, साल 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने इसे राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया था।

राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने
तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने 1966 में पहली बार इसे जून के तीसरे रविवार को मनाए जाने का फैसला किया था, 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने पहली बार इस दिन को नियमित अवकाश के रूप में घोषित किया।

पिता एक वट वृक्ष है...
जीवन तो मां से मिल जाता है लेकिन जीवन के थपेड़ों से निपटना तो पिताजी से ही आता है, जिंदगी की सच्चाई के धरातल पर जब बच्चा चलना शुरू करता है तो उसके कदम कहां पड़े और कहां नहीं.. ये समझाने का काम पिता ही करते हैं। समाज की बंदिशो से अपने बच्चे को निकालने का काम एक पिता ही कर सकता है। पिता अगर पास है तो किसी बच्चे को असुरक्षा नहीं होती है। पिता एक वट वृक्ष है जिसके पास खड़े होकर बड़ी से बड़ी परेशानी छोटी हो जाती है।
हर लड़की अपने जीवन साथी में अपने पिता को ही खोजती है
वक्त आने पर वो दोस्त बन जाते है तभी तो हर लड़की अपने जीवन साथी में अपने पिता का अक्स खोजती है। जिस तरह उसके पिता उसके पास जब होते हैं तो उसे भरोसा होता है कि कोई भी नापाक इरादे उसे छू नहीं सकते हैं। उसे अपनी सुरक्षा और ना टूटने वाले भरोसे पर गर्व होता है इसलिए वो जब भी अपने साथी के बारे में सोचती है तो उसकी कल्पनाओं में उसके पिता जैसी ही कोई छवि विद्दमान होती है।












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