दशहरे पर जानिए रामायण से जुड़े 10 रोचक तथ्य
बेंगलुरू। दशहरे के मौके पर आपने अक्सर भगवान राम और रावण के बारे में कई रोचक किस्से और कहानियां सुनी होंगी। लेकिन इस मौके पर आपने कभी रामायण से जुड़े किस्सों या फिर तथ्यों के बारे में जानने की कोशिश की है।
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दशहरे का महत्व रामायण से जुड़ा हुआ है और ऐसे में इससे जुड़े खास तथ्यों के बारे में जितना पता हो उतना ही अच्छा।
रामायण से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य हैं जो आपके पास मौजूद दशहरे की कई कहानियों को और भी रोचक बना सकते हैं। आगे की स्लाइड्स पर डालिए एक नजर और जानिए रामायण से जुड़े कुछ खास तथ्य।

इंसान थे या भगवान थे श्रीराम
वाल्मिकी की रामायण में जहां भगवान राम को एक असाधारण मनुष्य बताया गया है तो वहीं गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस में उन्हें भगवान का दर्जा दिया है।

रावण के 10 सिर की कहानी
रावण भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उसने अपने सिर की बलि दे दी थी। उसने 10 बार ऐसा किया और फिर भगवान शिव ने प्रसन्न होकर 10 सिरों को लौटा दिया।

14 वर्ष तक नहीं सोए लक्ष्मण
लक्ष्मण ने भगवान राम और सीता की सुरक्षा के लिए 14 वर्षों तक नींद का त्याग कर दिया था। 14 वर्षों के वनवास में वह एक भी दिन नहीं सोए थे।

हनुमान से बजरंग बली बनने की कथा
कहते हैं कि हनुमान ने भगवान राम को सुरक्षित रखने के लिए अपने शरीर को सिंदूर से ढक लिया था। इस वजह से ही उन्हें बजरंग बली भी बुलाया जाता है।

सीता का स्वयंवर
देवी सीता ने बचपन में भगवान शिव का धनुष तोड़ दिया था। इसलिए राजा जनक ने उनके स्वयंवर के समय धनुष तोड़ने की शर्त रखी थी।

क्यों होती हैं गिलहरी पर धारियां
गिलहरी पर जो धारियां हैं बताते हैं कि वह भगवान राम का आर्शीवाद है।राम सेतु बनाने के समय एक गिलहरी के समर्पण भाव से प्रसन्न होकर भगवान राम ने प्यार से उसकी पीठ पर हाथ फेरा था।

नंदी के श्राप से जली लंका
भगवान शिव के बैल नंदी ने रावण को श्राप दिया था कि एक बंदर उसके विनाश का कारण बनेगा। आपको लंका में लगी आग तो याद होगी।

रावण के तीन बेटों का वध किया था लक्ष्मण ने
युद्ध के समय लक्ष्मण ने रावण के तीन बेटों मेघनाद, प्रहस्त और अतिके का वध किया था लेकिन जिक्र हमेशा मेघनाद का सबसे ज्यादा होता है।

कुबेर थे रावण के भाई
धन के देवता कुबेर ने अपने लिए लंका का निर्माण किया था लेकिन रावण ने उन्हें बाहर निकाल दिया था। कुबेर को रावण का आधा भाई बताया जाता है।

वैदेही के नाम से जानी गईं सीता
वनवास के समय सीता का नाम वैदेही पड़ा था।












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