Mahua Moitra: लड़ाकू और अक्खड़ महुआ खोज रही हैं बचने का रास्ता
महुआ मोइत्रा दबाव में है। लाभ के बदले लोक सभा में सवाल पूछने के मुद्दे पर अपने बचाव में विफल रहने वाली महुआ अब बदजुबानी पर उतर आई हैं। आज ही उन्होंने ट्वीटर रूपी एक्स पर अपना गुस्सा सीबीआई पर उतारने में भाषा की मर्यादा पूरी तरह लांघ दी।
उन्होंने लिखा- "मुझे सीबीआई के रेड के बारे में मालूम चला। मैं दुर्गा पूजा में व्यस्त हूं। मैं सीबीआई को आमंत्रित करती हूं, आएं और मेरे जूते गिन कर जाएं। लेकिन उसके पहले 1300 करोड़ के घोटाले के लिए अडानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। जिसने हम भारतीयों से चुराए हैं।" महुआ मोइत्रा पहले से ही अपनी तेज तर्रार भाषा के लिए जानी जाती हैं। कई बार पहले भी वह सीमा लांघ चुकी हैं।

बचने का जुगाड़ खोज रही हैं महुआ
महुआ मोइत्रा लगातार अपने बचाव का रास्ता खोज रही हैं। 26 अक्टूबर को लोक सभा की इथिक्स कमेटी की बैठक से पहले वह लगातार अपने लिए तर्क बुन रही हैं। उन्होंने शनिवार को सीरिज ऑफ ट्वीट किए और उसमें अलग अलग तरीके से यह जताने की कोशिश की कि उन पर लगे आरोप में उनकी संलिप्तता नहीं है। जैसे उन्होंने लिखा- किसी अज्ञात फॅारेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर (एफपीओ) के पास अडानी के शेयर हैं, जिसका स्रोत सेबी भी नहीं ढूंढ सका, फिर भी मुंबई हवाई अड्डा खरीदने के लिए अडानी को गृहमंत्रालय से मंजूरी मिल गई। यह है असली राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल, ना कि किसी सांसद का ईमेल आईडी और पास वर्ड, जिसका हर सांसद का निजी सहायक (पीए) एक्सेस रखता है।
बात साफ है महुआ मोइत्रा लोकसभा कमेटी के सामने यही बयान देने जा रही हैं कि उनका ईमेल आईडी और पासवर्ड किसने इस्तेमाल किया उनको मालूम नहीं है। इस ट्वीट के पहले एक और ट्वीट जिससे मोइत्रा का मकसद साफ हो जाता है। वह ट्वीटर पर एनआईसी से निवेदन करती हैं कि उन सभी सांसदों की जानकारी सार्वजनिक करें कि वे लोकसभा के वेबसाईट पर लॉगइन के समय खुद रहते हैं या नहीं। जाहिर है महुआ मोइत्रा इसी को आधार पर बनाकर अपना बचाव करेंगी।
लड़ाकू और अक्खड़ की इमेज
ट्विटर पर प्रधानमंत्री पर हमला करना, हमेशा लड़ाकू, अक्खड़ और अहंकारी नेता की इमेज बनाना, फरार्टेदार अंग्रेजी के जरिये कठोर टिप्पणी करना, महंगे परिधान और एक्सेसरीज इस्तेमाल करना और स्टाइलिश होने का आभास देना उनकी शगल है। महुआ मोइत्रा 2019 में कृष्णानगर सीट से निर्वाचित होने के बाद से ही विवादों में घिर गई हैं।
अपनी पार्टी में ही अलग थलग
महुआ 2010 में कांग्रेस छोड़ कर तृणमूल में आयीं। वह उसके पहले युवा कांग्रेस में काम कर चुकी थी। पहले विधायक और फिर सांसद का चुनाव जीतने वाली इस बंगाल की नेत्री ने पहले भी अपनी पार्टी को कई बार सांसत में डाला था। काली की पूजा में मांस खाने और सिगरेट पीने को सही ठहराना। एक एयरलाइन के कर्मचारी को थप्पड़ मारना, राजनीतिक भाषण या डिबेट में प्रतिद्वन्द्वी को भला बुरा कहना और उन पर मुकदमा दायर कर देना उनका इतिहास रहा है।
ममता बनर्जी सार्वजनिक रूप से कई बार महुआ को झाड़ पिला चुकी हैं। महुआ मोइत्रा का इसके पहले नादिया के जिला अध्यक्ष कल्लोल खान और कृष्णानगर दक्षिण के विधायक उज्ज्वल विश्वास के साथ भी विवाद हो चुका है। महुआ मोइत्रा अक्सर पार्टी लाइन के पार जाकर आचरण या भाषण करती रही हैं। ममता बनर्जी महुआ मोइत्रा को पार्टी के संगठनात्मक मामलों में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी भी दे चुकी हैं। लेकिन आदत से लाचार महुआ तृणमूल में दूसरी ममता बनर्जी बनना चाहती हैं।
महुआ मोइत्रा के लिए जवाब देना मुश्किल
महुआ मोइत्रा ने 2019 में लोकसभा सांसद बनने के बाद से कुल 62 सवाल पूछे हैं, उनमें से अदानी समूह पर दो सीधे प्रश्न हैं। इसके अलावा अडानी समूह के स्वामित्व वाले धामरा पोर्ट पर चार सवाल, कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट पर पांच सवाल भी पूछे जहां हीरानंदानी समूह के व्यावसायिक हित हैं। सीबीआई ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। कहा जा रहा है कि मोइत्रा द्वारा पूछे गए लगभग 50 प्रश्न का संबंध सीधे हीरानंदानी के व्यवसाय से जुड़े हुए थे। दर्शन हीरानंदानी ने जो हलफनामा जमा कराया है उसमें सीधा आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने संसद पोर्टल का लॉगिन आईडी और पासवर्ड साझा किया था ताकि वह सवाल पोस्ट कर सके।












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