'तमंचे पर होली' और 'टली डांस' से सजा बाजार

वैसे तो भोजपुरी के कई गायक हैं, मगर इस वर्ष होली में पवन सिंह, खेसारी लाल, कल्लू उर्फ अरविंद अकेला के गाने लोगों को खूब आनंदित कर रहे हैं। वैसे भरत शर्मा व्यास, मनोज तिवारी, कल्पना दास और देवी के गीतों को भी लोग पसंद कर रहे हैं। बिहार में कई ऐसे गायक भी हैं जो होली के मौके पर विशेष रूप से नए एलबम बाजार में लाते हैं। इन गानों के जरिए होली में लोगों की उमंग शबाब पर होती है। कैसेट विक्रेताओं का भी मामना है कि फाल्गुन महीने के प्रारंभ होते ही कैसेटों और सीडी की बिक्री बढ़ जाती है। इसमें लोग होली के गानों के कैसेट-सीडी खूब खरीदते हैं।
पटना के बाकरगंज के कैसेट विक्रेता राजन कुमार कहते हैं कि लोग नए गायकों को खूब पसंद कर रहे हैं। खेसारी लाल के 'दबंग देहाती होली' के गाने तो पवन सिंह के 'रंग डालब विधायक जी' लोगों को खूब पसंद आ रहा है। वहीं हिंदी फिल्मी गानों की तर्ज पर भोजपुरी रिमिक्स गाने भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं।
पटना सिटी के दुकानदार आनंद कुमार कहते हैं कि फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' का गीत 'बलम पिचकरी, जो तूने मुझे मारी' लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। वह कहते हैं कि कई भोजपुरी गायक इस साल अंग्रेजी गानों की तर्ज पर भी एलबम बाजार में लाए हैं। इनमें 'टली डांस', 'वन टू का फोर', 'तमंचे पर होली' जैसे एलबम बाजार में खूब छाए हुए हैं, जिसे लोग पसंद भी कर रहे हैं।
आनंद कहते हैं कि सरस्वती पूजा के बाद से ही होली के गाने के कैसेट और सीडी बिकने शुरू हो जाते हैं। इसके लिए दुकनदार पहले से ही तैयार रहते हैं और प्रसिद्ध गायकों के कैसेट और सीडी मंगवा लेते हैं। एक अन्य दुकानदार का कहना है कि कैसेट की बिक्री तो अब नहीं के बराबर है, ऐसे में सीडी की ही बिक्री होती है। वह कहते हैं कि होली के गानों की सीडी 25 से 30 रुपये में बिक रही हैं।
वैसे कुछ ऐसे लोग भी हैं जो होली के गानों को लेकर अश्लीलता परोसने को सही नहीं मानते। बोरिंग रोड के सुमन कुमार कहते हैं कि आज बाजार में होली के नाम पर तरह-तरह के भद्दे गाने बाजार में बज रहे हैं। वह कहते हैं कि ऐसे में महिलाओं और लड़कियों को बाजार में चलना भी दूभर हो जाता है। होली के मौके पर ऑटो रिक्शा और बसों में भी द्विअर्थी गाने बजते रहते हैं जो किसी भी सभ्य समाज के लिए सही नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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