Trump Iran US Peace Talks: ईरान ने चुपचाप मान लीं अमेरिका की सारी शर्तें? इंटरव्यू में ट्रंप का बड़ा दावा
Trump Iran US Peace Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि हाल में हुई शांति समझौते पर बातचीत के बाद ईरान ने लगभग सभी जरूरी शर्तें मान ली हैं। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका के लगातार सैन्य हमलों के बाद ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार सिस्टम को कई बार तबाह किया और जब भी उसे दोबारा लगाने की कोशिश हुई, उसे फिर नष्ट कर दिया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका हर तरह की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

'ईरान लगभग सभी शर्तें मान चुका', ट्रंप का बड़ा दावा
CNBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर हुई बातचीत में ईरान ने लगभग सभी जरूरी शर्तें मान ली हैं। उनके मुताबिक, हाल के संघर्ष में ईरान को भारी नुकसान हुआ और अब उसकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही। ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका आगे भी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसके पास इसके लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं।
'रडार लगाया, हमने फिर तबाह कर दिया'
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार सिस्टम को बार-बार निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि जब भी ईरान ने नया रडार लगाने की कोशिश की, अमेरिका ने उसे फिर से नष्ट कर दिया। ट्रंप के मुताबिक, पिछले हफ्ते भी ऐसा ही किया गया, जिससे ईरान को तीसरी बार अपनी रक्षा व्यवस्था फिर से तैयार करनी पड़ेगी। उन्होंने इसे अमेरिकी सैन्य ताकत का बड़ा उदाहरण बताया।
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'स्टील की दीवार' बनी अमेरिकी नौसेना
ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईरान के आसपास बनाई गई अमेरिकी समुद्री घेराबंदी किसी आम नाकाबंदी जैसी नहीं, बल्कि 'स्टील की दीवार' थी। उनके मुताबिक, इस दौरान एक भी जहाज ईरान तक नहीं पहुंच सका। ट्रंप ने कहा कि दुनिया में अमेरिका जैसी मजबूत नौसेना किसी के पास नहीं है और इसी वजह से ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखना संभव हो पाया।
ईरान की अर्थव्यवस्था और सेना पर भी किया बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि लगातार दबाव और सैन्य कार्रवाई का असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि वहां महंगाई करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है और देश की कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के कई बड़े नेता, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और कई जनरल अब नहीं रहे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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होर्मुज स्ट्रेट क्यों नहीं बंद किया? ट्रंप ने बताई वजह
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता तो होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया क्योंकि इससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित होती। उनके मुताबिक, अगर यह रास्ता बंद हो जाता तो तेल की कीमत 350 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती थी और दुनिया में आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ जाता। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने रात के समय कई तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ते से बाहर निकालने का काम भी किया।












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