Dragon Fruit: इम्यूनिटी बूस्टर के साथ किसानों को भी मालामाल कर रहा ड्रैगन फ्रूट
Dragon Fruit: जी हां, आपने सही पढ़ा 'ड्रैगन फ्रूट'। इस नाम का भी एक स्वादिष्ट व दिलचस्प फल होता है। इसका स्वरूप पहली नजर में एक ड्रैगन की तरह दिखाई देता है, इसी कारण इसका नाम ड्रैगन फ्रूट पड़ा है। यह फल स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है तथा इसकी खेती किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है।
ड्रैगन फ्रूट के बारे में
ड्रैगन फ्रूट को पिताया, स्ट्रॉबेरी पीयर व होनोलुलु रानी भी कहा जाता हैं। इसका वैज्ञानिक नाम 'हाईलोसीरियस अंडटस' है। यह मूलतः 'हाईलोसीरियस केक्टेसिया' परिवार का विदेशी फल है, जिसका पौधा नागफनी पौधे की तरह होता है। इसके तने गूदेदार और रसीले होते हैं, जिसका स्वाद थोड़ा कुरकुरा व मीठा होता है या यूं कहें कि इसका स्वाद कीवी व नाशपाती के मिलेजुले स्वाद की तरह होता है।

अगर इसके पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें विटामिन-सी, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर आदि प्रचुर मात्रा में होते है। ड्रैगन फ्रूट में एंटीऑक्सीडेंट व पानी की मात्रा अधिक होती है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। वहीं एक ड्रैगन फल (28 ग्राम) में 74 कैलोरी ऊर्जा, 1 ग्राम प्रोटीन, 23 ग्राम कार्बोहाइड्रेटस, 0.5 ग्राम फाइबर, 30 मिलीग्राम कैल्शियम, 11 मिलीग्राम सोडियम तथा 1.79 ग्राम विटामिन-सी होता है। इस प्रकार ड्रैगन फ्रूट को एक इम्यूनिटी बूस्टर भी कहा जाता है।
ड्रैगन फ्रूट की मुख्यत 3 किस्में हैं: 1. सफेद गूदे वाला गुलाबी रंग का फल, 2. लाल गूदे वाला गुलाबी रंग का फल व 3. सफेद गूदे वाला पीले रंग का फल। इसके साथ-साथ इसके फूल रात्रि में ही खिलते है और बहुत ही सुगंधित होते हैं। इसको सलाद, मुरब्बा, जेली, आइसक्रीम और शेक आदि के रूप में भी खाया जाता है।
ड्रैगन फ्रूट के फायदे
ड्रैगन फ्रूट का अनेक बीमारियों में सेवन बहुत लाभदायक है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण स्वास्थ्य संबंधी अनेक बीमारियों में रामबाण का काम करते हैं। विटामिन-सी (एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट) की प्रचुर मात्रा से इम्यूनिटी पावर यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसका तात्पर्य यह है कि ड्रैगन फ्रूट का सेवन शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। जिसके चलते दिल से संबंधित व कैंसर जैसी अनेक जानलेवा बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
ड्रैगन फ्रूट में उपस्थित फाइबर रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करता है यानि मधुमेह (डायबिटीज) रोग में यह फल फायदेमंद है। इसके साथ-साथ मधुमेह से होने वाली अन्य बीमारियों को भी दूर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश बीमारियां पेट से शुरू होती है। अगर पेट सही रहता है तो अनेक बीमारियां अपने आप दूर हो जाती है। ड्रैगन फ्रूट आपके पेट को ठीक रखने में अहम भूमिका अदा करता है। क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट व फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। जिसके चलते ड्रैगन फ्रूट पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है।
इसे अलावा इसमें बीटालेन भी पाया जाता है, जो कोलेस्ट्राल को कम कर दिल संबंधी बीमारियों को दूर करता है। वहीं इसमें उपस्थित मैग्नीशियम के कारण हड्डियां मजबूत, बीटा-कैरोटीन के कारण आंखें स्वस्थ्य तथा विटामिन-बी से गर्भवती महिलाओं के लिए भी ड्रेगन फ्रूट बहुत लाभदायक होता है।
ड्रेगन फ्रूट की खेती
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उष्ण जलवायु सर्वोत्तम मानी जाती है। इसको रेतीली, दोमट मिट्टी आदि में उगाया जा सकता है। जिसका पी.एच. मान 7 से 8 होना चाहिए। इसकी मुख्यत खेती थाइलैंड, वियतनाम, श्रीलंका व इजरायल में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। वहीं अब भारत में भी इसकी खेती प्रारंभ हो चुकी है।
ड्रैगन फ्रूट का पौधा दो प्रकार से लगाया जाता है: 1. प्रवर्धन कटिंग यानि कलम द्वारा, तथा 2. बीज द्वारा। बीज से लगाने पर यह फल देने में ज्यादा समय (लगभग 4 से 5 वर्ष) लेता है और इसमें खर्च भी ज्यादा आता है। इसलिए यह व्यावसायिक दृष्टि से किसानों के लिए उपयुक्त नहीं है। वहीं कलम से पौधा जल्दी तैयार हो जाता है और फल भी जल्दी देना शुरू कर देता है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे को सीधी वृद्धि व विकास हेतु लकड़ी या सीमेंट के खंभों द्वारा सहारा दिया जाता है।
किसानों को ड्रेगन फ्रूट से आर्थिक लाभ
ड्रैगन फ्रूट के पौधे पर करीब 2 साल बाद फल आना प्रारंभ हो जाता है। ड्रेगन फ्रूट की खेती के लिए प्रति एकड़ लगभग 2000 पौधों की आवश्यकता होती है। वहीं पौधों को सहारा देने हेतु लकड़ी या सीमेंट के खंभों पर भी खर्चा होता है। कुल मिलाकर प्रति एकड़ 10 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाता है। उसके उपरांत जब पौधा फल देना प्रारंभ कर देता है तो खर्चा लगभग शून्य होता है तथा एक बार खेती शुरू करने के बाद इसका पौधा लगभग 25 से 30 वर्षों तक फल देता है। वहीं आमदनी की बात करें तो बाजार में ड्रैगन फल की कीमत 600 से 800 रूपये प्रति किलो है और इसका पौधा एक सीजन में 3 से 4 बार फल देता है।
इस प्रकार ड्रेगन फ्रूट की खेती से प्रति वर्ष 5 लाख रूपये प्रति एकड़ तक ही कमाई हो जाती है और यह कमाई 25 से 30 वर्षों तक होती है। इस प्रकार अगर हिसाब लगाया जाए तो 25 से 30 वर्षों में ड्रेगन फ्रूट की खेती पर लगभग 15 से 20 लाख रूपये खर्चा आ जाता है वहीं कमाई 1 करोड़ से 1.5 करोड़ तक हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications