Blueberry: सुपरफूड होने के साथ-साथ किसान बूस्टर भी है ब्लूबेरी
Blueberry: भारत में भी अमेरिकन फल 'ब्लूबेरी' की खेती धीरे-धीरे जोर पकड़ रही है। यह फल दुनिया भर में बहुत ही लोकप्रिय है। इसकी खेती जहां किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी है। भारत के राज्यों जैसे महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि में इसकी खेती की जा रही हैं। वैसे भारत में इसकी खेती बहुत कम मात्रा में होती है। इसकी अधिकतर खेती अमरीका, कनाड़ा, चीन, जापान व यूरोप में की जाती है।
ब्लूबेरी क्या होता है?
ब्लूबेरी, छोटे व गोल आकार का नीले रंग का एक अमेरिकन फल है, जिसको आमतौर पर गहरा जामुन, नीलबदरी आदि नामों से भी जाना जाता है। इसके साथ-साथ इसको 'सुपरफूड' भी माना गया है, क्योंकि ब्लूबेरी स्वास्थ्यवर्धक खनिजों और विटामिन-सी से भरपूर होता है। यह स्वाद में कुछ खट्टा-मीठा होता है। वहीं इसके पेड़ की पत्तियां नीली और फूल गुलाबी होते हैं।

ब्लूबेरी एरिकेसी परिवार से संबंध रखने वाली एक ग्रीष्मकालीन फसल है और उत्तरी अमेरिका में इसे एक जंगली प्रजाति कहा गया है। ब्लूबेरी के अनेक औषधीय गुण भी होते हैं, जिसके चलते यह औषधीय पौधे के रूप में भी लोकप्रिय है।
ब्लूबेरी का उपयोग खाद्य उत्पादों, दवाइयों, और रसायनिक उत्पाद बनाने में किया जाता है। जैसे - फलों से जेली, जैम, शरबत, आइसक्रीम, ड्राई फ्रूट आदि। वहीं ब्लूबेरी के पत्तों और शाखाओं का उपयोग विभिन्न औषधियों में होता है।
ब्लूबेरी से स्वास्थ्य लाभ
ब्लूबेरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसका सेवन अनेक बीमारियों को नियंत्रित व रोकथाम करता है।
ब्लूबेरी करें मोटापा कमः ब्लूबेरी में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिसके कारण आप अतिरिक्त भोजन करने से बचेंगे और मोटापा, जो एक गंभीर समस्या है, को नियंत्रित कर सकते है।
हृदय को रखे स्वस्थः एंटीऑक्सिडेंट्स गुण व फाइबर के चलते ब्लूबेरी हृदय को स्वस्थ्य रखता है तथा अनेक बीमारियों को दूर करता है।
मधुमेह (शुगर) को करे नियंत्रितः मधुमेह में ब्लूबेरी एक गुणकारी औषधि है। इसमें एंथोसायनिन यौगिक होता है, जो शरीर में एंटीडायबिटिक के रूप में कार्य करता है। जिसके कारण रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक होता है। इसलिए ब्लूबेरी का जूस मधुमेह रोगियों के लिए एक औषधि का काम करता है।
कोलेस्ट्रॉल करे नियंत्रितः ब्लूबेरी में उपस्थित एंथोसायनिन और फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम व अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
ब्लूबेरी बढ़ाये इम्युनिटीः ब्लूबेरी में उपस्थित विटामिन-सी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने में सहायक है। जिसके चलते संक्रमण व अनेक बीमारियों जैसे बुखार, जुकाम व अनगिनत अन्य रोगों से बचा जा सकता है।
आँखों के लिए फायदेमंदः ब्लूबेरी में एंथोसायनिन गुण होता है, जो आँखों से संबंधित अनेक बीमारियों से बचाता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने व आंखों से संबंधित अनेक बीमारियों को दूर करने में सहायक है।
ब्लूबेरी करे हड्डियां मजबूतः ब्लूबेरी में पॉलीफेनॉल्स नामक तत्व हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है तथा अनेक रोगों को दूर करता है।
याददाश्त करे तेजः ब्लूबेरी में फाइटोन्यूट्रीएंट तत्व मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ्य व अधिक सक्रिय करता है, जिसके कारण याददाश्त में सुधार होता है।
ब्लूबेरी की खेती व आर्थिक लाभ
मुख्यतः ब्लूबेरी की खेती के लिए अधिक अम्लीय, नम, उपजाऊ मिट्टी उपयुक्त होती है, जिसका पीएच मान 4.0 से 5.5 होना चाहिए। वहीं एक बार पौधा लगाने के बाद यह 10-15 साल तक फल देता है।
सामान्यतः भारत में ब्लूबेरी की खेती अप्रैल-मई में प्रारंभ की जाती है। पौधा लगने के लगभग 10 महीने बाद ब्लूबेरी के पौधे से फल आना शुरू हो जाता है। एक एकड़ में लगभग तीन हजार पौधे लगते हैं। अगर पहले साल उत्पादन की बात करें तो एक पौधे से लगभग 200 से 300 ग्राम ब्लूबेरी प्राप्त होती है। वहीं चौथे साल एक पौधा लगभग 2 किलो तक ब्लूबेरी देता है तथा यह मात्रा प्रति वर्ष बढ़ती जाती है। इस हिसाब से चौथे वर्ष एक एकड़ से लगभग 60 क्विंटल (6 हजार किलो) ब्लूबेरी प्राप्त हो सकती है। वहीं बाजार में ब्लूबेरी का भाव 800 से 1000 रूपये प्रति किलो है। इस प्रकार एक एकड़ से लगभग 60 लाख रूपये की ब्लूबेरी प्राप्त हो सकती है, जो प्रति वर्ष बढ़ती जाती है।
वहीं अगर खर्चे की बात करे तो 600 से 800 रूपये प्रति पौधा के हिसाब से एक एकड़ में लगभग 20 से 25 लाख रूपये पौधों पर खर्च होता है तथा अन्य खर्च को मिलाकर कुल खर्च 25 से 30 लाख रूपये प्रति एकड़ आता है। यह खर्च पहले वर्ष आता है, जबकि फल प्रारंभ होने पर खर्च बहुत कम और आमदनी काफी बढ़ जाती है।












Click it and Unblock the Notifications