2017 में होंगी अद्भुत खगोलीय घटनाएं, जानिए कब-कब?
अद्भुत खगोलीय घटनाओं का सिलसिला 11 फरवरी को लगने वाले उपच्छाया चंद्रग्रहण से शुरू होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा।
लखनऊ। आसमान में दिखाई देने वाले तारों को अक्सर आप गौर से देखते होंगे या कभी-कभी सूर्य की ओर देखने के प्रयास करते होंगे और जब भी पूर्णिमा के दिन चंद्रमा देखते होंगे, तो मुंह से एक ही शब्द निकलता होगा- वाह! और साल में जब भी ग्रहण पड़ता होगा, तो आप उस घटना को देखने के लिये उत्सुक जरूर रहते होंगे।
क्या आप जानते हैं, इन सबके अलावा कई सारी खगोलीय घटनाएं हैं, जो हम देख सकते हैं। चलिये बात करते हैं 2017 में पड़ने वाली खगोलीय घटनाओं के बारे में।
- 12 जनवरी: शुक्र ग्रह अपनी सुंदरता की चरम सीमा पर होगा, जो कि सभी राशियों के लिए सुखद संयोग लेकर आ रहा है।
- 19 जनवरी: बुध महानतम पश्चिमी बढ़ाव पर होगा जो कि लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा।
- अद्भुत खगोलीय घटनाओं का सिलसिला 11 फरवरी को लगने वाले उपच्छाया चंद्रग्रहण से शुरू होगा।
आगे की बात तस्वीरों में ...

26 फरवरी को वलयाकार सूर्यग्रहण
- 26 फरवरी को वलयाकार सूर्यग्रहण: सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की लुकाछिपी का यह रोमांचक नजारा भारत में दिखायी नहीं देगा।
- 20 मार्च - मार्च विषुव: आज दिन और रात लगभग बराबर मात्रा होंगे, यह वसंत का पहला दिन है।

बृहस्पति की स्थिति में परिवर्तन
- 1 अप्रैल - यहां पारे में परिवर्तन होगा जो कि अद्भभुत खगोलीय घटना में शामिल होगा।
- 7 अप्रैल - बृहस्पति की स्थिति में परिवर्तन।
- 17 मई - बुध महानतम पश्चिमी बढ़ाव पर, परिवर्तन होगा।
- 3 जून- वीनस यानी शुक्र में परिवर्तन।

21 अगस्त पूर्ण सूर्यग्रहण
- 15 जून: शनि की चाल में परिवर्तन जिसका असर राशियों पर भी होगा।
- 21 जून: जून संक्रांति
- 7 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण: यह नजारा भारत में देखा जा सकेगा।
- 21 अगस्त पूर्ण सूर्यग्रहण: वर्ष 2017 का यह आखिरी ग्रहण भारत में नजर नहीं आयेगा।

नेपच्यून में परिवर्तन
- 5 सितंबर- नेपच्यून में परिवर्तन
- 12 सितंबर - पारा में परिवर्तन
- 19 अक्टूबर - यूरेनस में परिवर्तन

पूर्णिमा, सूपरमून
- 13 नवंबर- शुक्र और बृहस्पति की युति।
- 24 नवंबर - महानतम पूर्वी बढ़ाव पर पारा।
- 3 दिसंबर - पूर्णिमा, सूपरमून।
- 21 दिसंबर - दिसंबर संक्रांति।












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