6 शादीशुदा बेटियों का बाप 65 साल की उम्र में बना दूल्हा, 42 साल छोटी लड़की से की Love Marriage
UP News: बाराबंकी निवासी 65 साल के बुजुर्ग नकछेद ने रांची की रहने वाली 23 साल की युवती से अयोध्या के कामाख्या धाम मंदिर में सात फेरे लिए। नकछेद ने बताया कि किसी कार्य से रांची गए थे इस दौरान उनकी मुलाकात नंदनी से हुई थी।

Unique Wedding In Ayodhya: साल 1981 में अनीता राज और राज बब्बर की 'प्रेम गीत' फिल्म आई थी। इस फिल्म का एक गाना था 'ना उम्र की सीमा हो ना जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन'। यह गाना अब उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक प्रेमी जोड़े पर बिल्कुल फिट बैठता हुआ नजर आ रहा है। तो वहीं, अब यह अनोखी शादी इलाके में ही नहीं, बल्कि मीडिया तक की सुर्खियों में आ गई है। दरअसल, दूल्हे की उम्र 65 साल है तो वहीं उसकी दुल्हन की उम्र महज 23 साल।

शादी के पीछे बताई हैरान करने वाली वजह
65 वर्षीय नकछेद यादव ने खुद से 42 साछ छोटी युवती नंदनी यादव के साथ रविवार 05 फरवरी को कामाख्या धाम मंदिर में सात फेरे लिए। 23 साल की युवती से शादी रचाने वाले नकछेद यादव ने शादी करने के पीछ जो वजह बताई वो भी काफी हैरान करने वाली थी। दरअसल, नकछेद यादव ने बताया कि अकेलापन दूर करने के साथ-साथ हमकों खाना बनाने में समस्या हो रही थी, जिसकी वजह से हम ने दूसरी शादी की।

छह बेटियों की हो चुकी है शादी
65 वर्षीय नकछेद यादव बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के जमीन हुसैनबाद पूरे चौधरी गांव के रहने वाले है और छह बेटियों के बाप हैं। नकछेद की पहली पत्नी की कुछ दिनों पहले ही मृत्यु हुई है और सभी पुत्रियों की भी शादी हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकछेद की सभी पुत्रियां अपने ससुराल में अपने पति व बच्चों के संग खुशहाल जिंदगी व्यतीत कर रही हैं। तो वहीं, नकछेद अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद अकेला रह रहा था।

23 साल की नंदनी संग लिए सात फेरे
अपने अकेलापन दूर करने के लिए बुजुर्ग ने शादी करने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के रांची निवासी नंदनी यादव से संपर्क किया, जिसकी उम्र 23 वर्ष है। दोनों शादी के लिए रजामद हो गए और रविवार को दोनों क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों के साथ अयोध्या के मां कामाख्या मंदिर पहुंच गए। यहां हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक सात फेरे हुए और वरमाला की रस्म अदायगी हुई। इस अनोखी शादी को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे।

35 बाराती भी हुए शामिल
तो वहीं, इस अनोखी शादी में बाराती व घराती शामिल हुए। इस शादी में नकछेद यादव की सभी बहनों ने सभी लोक रीतियों को निभाया। शादी के दौरान नकछेद यादव की बड़ी पुत्री भी मौजूद रही। नकछेद यादव के छोटे भाई संत प्रसाद यादव व उनका पूरा परिवार इस शादी में पहुंचकर वैवाहिक जोड़ों को आशीर्वाद दिया। विवाह कराने वाले पंडित शीतला प्रसाद ने बताया कि विवाह 5 फरवरी की सुबह हुआ जिसमें पहले हवन और फिर वरमाला की रस्म हुई। इस विवाह में 35 बाराती भी आए थे।
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मुलाकात के बाद होगा था प्रेम
शादी कार्यक्रम संपन्न होने के बाद नकछेद यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में वो अपने किसी निजी कार्य को लेकर रांची गए थे। वहां पर इनकी मुलाकात नंदनी से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बढ़ गया। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। रविवार को दोनों ने मिलकर माता के मंदिर में सात फेरे ले लिए।












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