रामनगरी अयोध्या में भूकंप: जमीन के 15KM नीचे था केंद्र, धरती हिलने पर लोग निकले घरों से बाहर
फैजाबाद। रामनगरी अयोध्या में भूकंप आया। जिसका केंद्र जमीन के करीब 15 किमी नीचे था। उसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। देर रात लगे झटकों से कुछ लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। हालांकि, आज सुबह तक जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

अयोध्या से 176 किमी की दूरी पर हिली धरती
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की ओर से आॅफिशियल ट्विटर हैंडिल पर बताया गया कि, बीती रात 11 बजकर 59 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह चौंकाने वाला था, क्योंकि अयोध्या में अमूमन भूकंप नहीं आता। फिर भी बृहस्पतिवार देर रात करीब 12 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप अयोध्या से 176 किमी एनएनई में आया।
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भूकंप आने की वजहें
भू-विशेषज्ञों के मुताबिक, धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर के नाम से जाना जाता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई हैं। जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती-डुलती रहती हैं। जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिलने लगती हैं तो कंपन होने लगता है। यही भूकंप होता है।
भूकंप आने पर क्या-क्या करें?
- यदि भूकंप आये तो आप मजबूत व हल्के परिसर के अंदर शरण लें।
- बाहर सुरक्षित स्थानों की तलाश करें और सीधे उसी स्थान पर जाएं।
- मजबूत टेबल या बेड के नीचे भी छिप सकते हैं।
- पेड़-पौधों से दूर हो जाएं। किसी भीतरी दीवार का भी रूख कर सकते हैं।
- उस जगह से दूर रहें जहां खिड़की, शीशे, तस्वीरों से कांच गिरकर टूट सकता हो या जहां किताबों के भारी शेल्फ अथवा भारी फर्नीचर नीचे गिर सकता हो।
- खुले क्षेत्र में बिल्डिंग, पेड़ों, टेलीफोन, बिजली की लाइनों, फ्लाईओवरों तथा पुलों से दूर रहें।
- आपातकालीन टेलीफोन नंबरों को जरूर अपने मोबाइल में सेव रखें (जैसे डाक्टरों, अस्पतालों, पुलिस के टेलीफोन नंबर)।
- परिवार के सदस्यों को भूकंप के बारे में जानकारी दें।












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