'बंद कीजिए मेरी दीदी के नाम पर राजनीति', छलका लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ का दर्द

लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ ने कहा कि उनके परिवार की तरफ से इस तरह की मांग नहीं की गई है।

मुंबई: भारत रत्न से सम्मानित दिग्गज गायिका लता मंगेशकर के परिजनों ने उनकी अस्थियां गुरुवार को नासिक में गोदावरी नदी के किनारे बने पवित्र रामकुंड में विसर्जित कर दीं। काफी दिनों तक बीमार रहने के बाद बीते 6 फरवरी को लता मंगेशकर का निधन मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ था। वहीं, लता मंगेशकर के निधन के बाद अब मुंबई के शिवाजी पार्क में उनके स्मारक को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गर्मा गई है। इस मामले पर विवाद बढ़ता देख संगीतकार और लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर सामने आए हैं और उनकी बहन के नाम पर राजनीति ना करने की अपील की है।

'ये मांग हमारे परिवार की तरफ से नहीं की गई'

'ये मांग हमारे परिवार की तरफ से नहीं की गई'

हृदयनाथ मंगेशकर ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा, 'लोगों को शिवाजी पार्क में लता दीदी के स्मारक के मुद्दे पर राजनीति बंद कर देनी चाहिए। स्मारक की मांग हमारे परिवार की तरफ से नहीं की गई है और ना ही हम ऐसा कुछ चाहते हैं।' आपको बता दें कि ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब भारतीय जनता पार्टी के विधायक राम कदम ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर मांग की, कि मुंबई के शिवाजी पार्क में जहां लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार किया गया है, वहां उनका एक स्मारक बनाया जाए।

'पार्क से जुड़ा है शिवसेना का भावनात्म रिश्ता'

'पार्क से जुड़ा है शिवसेना का भावनात्म रिश्ता'

राम कदम की इस मांग का शुरुआत में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने समर्थन किया, लेकिन बाद में वो अपने रुख पर कुछ नरम हो गए। वहीं, शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर के स्मारक की मांग से शिवशेना इसलिए मुश्किल में पड़ गई, क्योंकि इस पार्क से पार्टी का भावनात्म रिश्ता जुड़ा है। 28 एकड़ में फैले इस पार्क में पूर्व शिवसेना अध्यक्ष बाल ठाकरे हर साल विजयदशमी के मौके पर रैली करते थे। बाल ठाकरे के बाद मौजूदा शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।

'राजनीति के लिए शिवाजी पार्क की बलि मत चढ़ाइए'

'राजनीति के लिए शिवाजी पार्क की बलि मत चढ़ाइए'

वहीं, दूसरी तरफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता संदीप देशपांडे ने अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर तुच्छ राजनीति नहीं की जानी चाहिए। संदीप देशपांडे ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'दादर के लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क को अतिक्रमण से बचाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है। मैं सभी से निवेदन करता हूं कि अपनी तुच्छ राजनीति के लिए शिवाजी पार्क की बलि मत चढ़ाइए।'

'उस मैदान को संभालकर रखना चाहिए'

'उस मैदान को संभालकर रखना चाहिए'

वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने भी भाजपा की इस मांग का विरोध किया है। प्रकाश अंबेडकर ने कहा, 'हम सभी ने अपना बचपन शिवाजी पार्क में खेलकर बिताया है और हम सभी को उस मैदान को संभालकर रखना चाहिए, जिसने कई दिग्गज क्रिकेटरों को जन्म दिया है। इस पार्क को इसी वजह से क्रिकेटरों का पालना कहा जाता है।'

लता मंगेशकर के नाम पर बनेगी संगीत एकेडमी

लता मंगेशकर के नाम पर बनेगी संगीत एकेडमी

आपको बता दें कि इस पूरे विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने लता मंगेशकर के सम्मान में मुंबई के कलीना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एक संगीत एकेडमी बनाने का फैसला लिया है। कलीना में ये एकेडमी करीब 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर लता मंगेशकर के भाई ने भी सहमति जताते हुए कहा कि दीदी के नाम पर संगीत एकेडमी बनाना उनके लिए सबसे अच्छी श्रद्धांजलि होगी।

ये भी पढ़ें- जानिए, लता मंगेशकर अपने पीछे छोड़ गई हैं कितने करोड़ की संपत्ति

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