जानिए, लता मंगेशकर अपने पीछे छोड़ गई हैं कितने करोड़ की संपत्ति
महज 13 साल की उम्र में पिता का निधन होने के बाद लता मंगेशकर ने हार नहीं मानी और अपनी आवाज के दम पर एक अलग पहचान बनाई।
नई दिल्ली, 6 फरवरी: भारत रत्न से सम्मानित और स्वर कोकिला के नाम से मशहूर लता मंगेशकर के निधन से ना केवल फिल्म जगत, बल्कि पूरे देश में शोक का माहौल है। कई दिनों तक कोरोना वायरस के बाद की जटिलताओं से जूझने के बाद लता मंगेशकर ने रविवार सुबह करीब 8 बजकर 12 मिनट पर इस दुनिया को अलविदा कह दिया। करीब 7 दशक के अपने लंबे संगीत करियर में लता मंगेशकर ने फिल्म जगत को हजारों शानदार नगमे दिए। एक महान गायिका और करोड़ों रुपए की संपत्ति की मालकिन होने के बावजूद लता मंगेशकर बेहद सामान्य जीवन जीतीं थी। आइए जानते हैं कि लता मंगेशकर अपने पीछे कुल कितनी संपत्ति छोड़ गई हैं।

पिता के निधन के बाद नहीं मानी हार, बनाई अपनी पहचान
लता मंगेशकर महज 13 साल की थीं, जब उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। हालांकि लता मंगेशकर कमजोर नहीं पड़ीं और उन्होंने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। चूंकि परिवार पहले से ही कला के क्षेत्र से जुड़ा था, इसलिए लता मंगेशकर का बचपन भी संगीत के बीच ही बीता। पिता के जाने के बाद लता मंगेशकर के सामने कई तरह की चुनौतियां आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बहुत कम उम्र में ही अपनी सुरीली आवाज के जरिए फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाई।

कितनी संपत्ति छोड़ गई हैं लता मंगेशकर
लता मंगेशकर की संपत्ति को लेकर मीडिया में कई तरह की रिपोर्ट्स हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक लता मंगेशकर करीब 111 करोड़ रुपए की संपत्ति की मालकिन थीं, जबकि कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनके पास तकरीबन 373 करोड़ रुपए की संपत्ति थी। लता मंगेशकर की सालाना इनकम करीब 6 करोड़ रुपए बताई जाती है और उनकी आय का मुख्य जरिया उनके गीतों के लिए उन्हें मिलने वाली रॉयल्टी ही थी।

गाड़ियों के कलेक्शन में शामिल थीं ये कारें
न्यूज ट्रैक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लता मंगेशकर का मुंबई में काफी बड़ा घर है और बताया जाता है कि उसमें 10 परिवार एक साथ रह सकते हैं। फिल्म जगत को हजारों शानदार नगमे देने वालीं लता मंगेशकर ने अपनी सबसे पहली गाड़ी शेवरले खरीदी थी। इसके बाद उनकी गाड़ियों के कलेक्शन में ब्यूक, मर्सिडीज और क्रिसलर जुड़ती गईं।

लता मंगेशकर को कौन-कौन से सम्मान मिले
आवाज के साथ-साथ लता मंगेशकर अपने व्यवहार से भी काफी मधुर थीं। उनके गीतों और फिल्म जगत में उनके योगदान के लिए लता मंगेशकर को कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया। 1969 में सरकार ने लता मंगेशकर को पद्म भूषण सम्मान दिया और इसके बाद 1989 में उन्हें दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। लता मंगेशकर को 1999 में पदम विभूषण और 2001 में भारत रत्न सम्मान दिया गया।
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जब लता मंगेशकर के विरोध में आ गए मोहम्मद रफी
लता मंगेशकर ने अपने करियर के दौरान कई दिग्गज कलाकारों के साथ गाने रिकॉर्ड किए, लेकिन एक मौका ऐसा भी आया, जब मोहम्मद रफी ने उन्हें लेकर अपना विरोध जताया। दरअसल 1974 में लता मंगेशकर का नाम सबसे ज्यादा गीत रिकॉर्ड करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। लेकिन, मोहम्मद रफी ने इस दावे को गलत बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि गिनीज बुक में लता मंगेशकर का नाम इस रिकॉर्ड के लिए कायम रहा और साथ में मोहम्मद रफी के दावे का भी जिक्र किया गया।












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