शेफाली जरीवाला की मौत के बाद पारस छाबड़ा का बड़ा खुलासा, सामने रखा पराग और सिम्बा का दर्दभरा सच
Shefali Jariwala Death: 'कांटा लगा' फेम एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की अचानक मौत से पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस समय सदमे में है। उनका 42 साल की उम्र में यूं अचानक चले जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी गहरा झटका है।
शेफाली और पेट डॉग सिम्बा का कनेक्शन
शेफाली जरीवाल अपने पीछे पति पराग त्यागी और अपने बेहद प्यारे पेट डॉग 'सिम्बा' को छोड़ गई हैं, जो उनके लिए बेटे से भी बढ़कर था। आपको बता दें कि शेफाली की मौत के बाद पति पराग त्यागी अपने डॉग सिम्बा को बिल्डिंग के नीचे टहला रहे थे।

सिम्बा को लेकर पारस छाबड़ा का बड़ा खुलासा
इस दौरान कई लोगों ने पराग त्यागी की इस हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे और उनकी जमकर आलोचना की थी। लेकिन अब 'बिग बॉस 13' में शेफाली जरीवाला के साथ नजर आ चुके एक्टर पारस छाबड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर खुलकर बात की है और पराग के व्यवहार के पीछे की भावनात्मक वजह को सबके सामने रखा है।
'सिम्बा उनके परिवार का हिस्सा था'
-न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पारस छाबड़ा ने कहा है- शेफाली जरीवाला और पराग त्यागी के लिए उनका पेट डॉग सिम्बा सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि उनके परिवार का अभिन्न हिस्सा था। वो दोनों उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करते थे।
-पारस छाबड़ा ने आगे कहा है- जब एक छोटा सा परिवार, जिसमें सिर्फ तीन सदस्य हों और उनमें से एक अचानक चला जाए, तो बचे हुए दो लोगों पर कितना मानसिक और भावनात्मक बोझ आता है, इसे समझना जरूरी है।
'पराग पर अब ज्यादा जिम्मेदारी है'
-पारस छाबड़ा ने ये भी बताया है कि सिम्बा की अब काफी ज्यादा उम्र हो चुकी है और उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर हो गई है। ऐसे में उसे नियमित देखभाल और टहलाना जरूरी है।
-पारस ने कहा- शायद लोगों को ये अजीब लगे कि पत्नी के निधन के तुरंत बाद पराग डॉग को बाहर लेकर गए, लेकिन अगर आप पराग और सिम्बा के रिश्ते को समझेंगे तो आपको ये कदम बेहद इंसानी और भावनात्मक लगेगा। इस वक्त सिम्बा की देखभाल की जिम्मेदारी पूरी तरह पराग के कंधों पर है।
'सिम्बा को भी शेफाली की कमी महसूस हो रही थी'
-पारस छाबड़ा ने कहा- डॉग्स बेहद भावानात्मक प्राणी होते हैं और वो इंसानों की तरह दुख को महसूस कर सकते हैं। सिम्बा को भी इस बात का एहसास हो गया था कि शेफाली अब इस दुनिया में नहीं हैं। वो खुद भी दुखी और शांत हो गया था। सिम्बा का शेफाली से एक अलग कनेक्शन था। ऐसे में उसे समझ में आ गया था कि घर में कुछ खराब हो गया है।
-पारस छाबड़ा ने आगे कहा- पराग त्यागी के डॉग को टहलाने को लेकर जो बातें सोशल मीडिया पर उठ रही थीं, वो शायद उस दर्द और जिम्मेदारी को नहीं समझ सकीं, जिससे पराग गुजर रहे थे। इंसान हो या जानवर, जब परिवार का कोई सदस्य चला जाता है, तो बचे हुए सदस्यों को एक-दूसरे का सहारा बनना ही पड़ता है। पराग भी यही कर रहे थे।












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