नसीरुद्दीन शाह का विवादित बयान, कहा- ' रिफ्यूजी थे मुगल, देश में मुस्लिमों को डराया जा रहा है'

मुंबई, 30 दिसंबर। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और विवादों का चोली-दामन का साथ है। एक बार फिर से उन्होंने कुछ ऐसा कहा है, जिस पर बवाल मच गया है। अपने ताजा इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने मुगलों को रिफ्यूजी बताते हुए कहा कि 'हम जब भी उनका जिक्र करते हैं तो उनके कथ‍ित अत्याचार की बातें होने लगती हैं, जबकि हम यह क्यों भूल जाते हैं कि मुगल वही लोग हैं जिन्होंने इस देश की खात‍िर अपना योगदान दिया, ये तो वो लोग हैं जिन्होंने यहां इमारतें बनवाईं, कला संस्कृति को पनपने का मौका दिया।'

' रिफ्यूजी थे मुगल, देश में मु्स्लिमों को डराया जा रहा है'

' रिफ्यूजी थे मुगल, देश में मु्स्लिमों को डराया जा रहा है'

'जिनकी संस्कृत‍ि में नाचना, गाना, चित्रकारी, साह‍ित्य है, मुगल यहां आए थे बसने और इस देश को अपना बनाने इसलिए उनके लिए शरणार्थी शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। वायर को दिए गए इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि 'धर्म संसद में जो कुछ भी कहा गया उसे देखकर काफी हैरानी होती है। यह तो गृहयुद्ध को बढ़ावा देने वाला है।'

'देश में मुस्लिमों को डराने की कोशिश हो रही है'

'देश में मुस्लिमों को डराने की कोशिश हो रही है'

उन्होंने आगे कहा कि 'देश में मुस्लिमों को डराने की कोशिश हो रही है। चर्च-मस्जिद तोड़े जा रहे हैं अगर मंदिर तोड़ा जाए तो सोचिए कैसा लगेगा? नसीरुद्दीन शाह का मानना है कि 'कुछ लोग मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं, सत्ताधारी दल अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है और औरंगजेब को बदनाम किया जा रहा है।'

नसीरुद्दीन शाह को ट्रोल किया जा रहा

नसीरुद्दीन शाह को ट्रोल किया जा रहा

नसीरुद्दीन शाह के इस बयान के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। लोग जमकर नसीरुद्दीन शाह को कोसने लग गए और इसी वजह से नसीरुद्दीन शाह को Twitter पर ट्रोल किया जा रहा है।

'मुगल शरणार्थी नहीं आक्रमणकारी थे'

एक यूजर ने शाह की क्लास लगाते हुए कहा है कि 'मुगल शरणार्थी नहीं आक्रमणकारी थे। वे सशस्त्र हमलावर थे, जो भारत में शरण लेने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय प्रायद्वीप में तत्कालीन मौजूदा राज्यों के बीच हुई फूट का फायदा उठाने के लिए आए थे। जिस विस्तार की बात आप कर रहे हैं, वो भारत में मुगलों के आने से पहले से था।'

फिर अफगानिस्तान में कला, संस्कृति में क्यों नहीं दिख रही है?

तो किसी ने लिखा कि 'अगर मुगल इतने बढ़िया थे तो फिर अफगानिस्तान में इस वक्त कला, संस्कृति में क्यों नहीं दिख रही। 'अब क्या...मुगल किसी पैरेलल यून‍िवर्स से थे क्या? नफरत फैलाने की कोशिश ना करो।' कुल मिलाकर कर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है और लोग जमकर शाह के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।

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