'मुसलमानों से मुझे प्यार है', ममता कुलकर्णी का चौंकाने वाला खुलासा, महामंडलेश्वर पर ये क्या बोल गईं एक्ट्रेस?
Mamta Kulkarni: एक समय पर लोगों के दिलों में राज करने वाली एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी अब साध्वी बनकर घूमती नजर आ रही हैं। बॉलीवुड छोड़ चुकीं एक्ट्रेस इस बार प्रयागराज में लगे महाकुंभ 2025 के भव्य मेले में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनी थीं। लेकिन इसे लेकर खूब विवाद हुआ था।
ममता कुलकर्णी ने क्यों दिया था इस्तीफा?
इस विवाद के बाद ममता कुलकर्णी ने इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने इस विवाद को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कैमरे पर कहा है कि भगवान ने उन्हें उनकी 25 साल की तपस्या का फल दिया, इसीलिए वह महामंडलेश्वर बनी थीं।

'मुझे मेरी 25 साल की तपस्या का फल मिला था'
ममता कुलकर्णी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा है- उस कुंभ में मेरे लिए महामंडलेश्वर बनना, भगवान के हाथों में था, जो 140 सालों में सबसे पवित्र अवसर था। भगवान ने मुझे मेरी 25 साल की तपस्या का फल दिया था।
करियर के पीक पर छोड़ दिया था बॉलीवुड
आपको बता दें कि ममता कुलकर्णी एक समय पर बॉलीवुड पर राज करती थीं। लोग उनकी एक्टिंग के साथ साथ उनकी खूबसूरती पर भी फिदा थे। वहीं करियर के पीक पर ही उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया था और अपने आध्यात्मिक सफर की शुरुआत की थी। इसके लिए उन्होंने अपना सांसारिक जीवन त्याग दिया था।
ममता कुलकर्णी ने अपानाया था नया नाम
वहीं महाकुंभ 2025 में महामंडलेश्वर बनने के लिए उन्होंने नया नाम श्री यमई ममता नंदगिरी घारण किया था। 24 जनवरी 2025 को उनके महामंडलेश्वर बनने की प्रक्रिया भी पूरी हुई थी। लेकिन बाद में इसे लेकर विवाद शुरू हो गया था।
लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को अखाड़े से कर दिया था बाहर
आपको बता दें कि विवाद होने के बाद ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाकर अखाड़े से बाहर कर दिया गया था। ये एक्शन केवल ममता कुलकर्णी के ही ऊपर नहीं लिया गया था बल्कि लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखा दियागया था। अखाड़े ने इस बारे में एक बयान भी जारी किया था।
राजनीति में नहीं आना चाहती हैं ममता कुलकर्णी
ममता कुलकर्णी ने इंटरव्यू में बताया कि राजनीति में आने की उनकी कोई प्लानिंग नहीं है। उन्होंने कहा- कल्कि विष्णु जी के 10वें अवतार माने जाते हैं। मुझे एक शिलान्यास के लिए आमंत्रित किया गया है और यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैंने 25 साल ध्यान और तप किया है और इस पुण्य कर्म के लिए मेरा चयन हुआ है। सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार ही मुझे आगे करते रहना है।
'मुझे मुसलमानों से प्यार है, लेकिन आतंकवाद से नहीं'
-ममता कुलकर्णी ने आगे कहा- बहुत से ऐसे लोग हैं जो भगवान को नहीं मानते हैं। ऐसे लोग कहते हैं कि भगवान का अस्तित्व ही नहीं है और अगर है तो कहां है? दुनिया में इतनी सारी चीजें हो रही हैं तो ईश्वर कहां है? यह सोचना गलत है।
-ममता कुलकर्णी ने कहा- मुसलमानों ने मुझे काफी प्यार दिया है और साधना के दौरान मैंने काफी समय दुबई में बिताया, जहां मुझे काफी शांति मिली थी। मुझे मुसलमानों से प्यार है, लेकिन आतंकवाद से प्यार नहीं है। आतंकवादी बस एक आतंकवादी होता है, वह न किसी का शहर होता है, न किसी का पिता, पुत्र और न ही किसी का रिश्तेदार हो सकता है।
अपने महागुरु को लेकर ममता कुलकर्णी ने कही ऐसी बात
-ममता कुलकर्णी ने इससे पहले कहा था- मेरे जो गुरु हैं, जिनके सानिध्य में मैंने 25 साल तक घोर तपस्या की है, उनका नाम है श्री चैतन्य गगनगिरी महाराज, उनकी बराबरी में मुझे कोई दिखता भी नहीं है। सब अंहकारी लोग हैं। एक-दूसरे से झगड़ रहे हैं। मेरे गुरु तो बहुत ऊंचे हैं।
-एक्ट्रेस ने कहा था- मुझे किसी कैलाश में जाने की जरूरत नहीं है। मुझे किसी मान सरोवर या हिमालय में जाने की जरूरत नहीं है। सब ब्रह्मांड मेरे सामने है। 25 साल से मैंने उनकी घोर तपस्या की है, लेकिन आज जिन लोगों को मेरे महामंडलेश्वर होने से परेशानी है, मैं उनके बारे में कम बोलूं तो बेहतर रहेगा।












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