जानें क्या होती है Piracy, क्यों होती है फिल्मों की चोरी, ये फिल्में हुईं सबसे ज्यादा लीक, जानें पूरी डिटेल्स
Film Piracy: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में पायरेसी की समस्या को सुलझाने के लिए सिनेमाटोग्राफ संशोधन बिल 2023 को गत 27 जुलाई 2023 को राज्यसभा में पारित किया गया। इस विधेयक में फिल्मों की गैर कानूनी रिकॉर्डिंग और उसका प्रदर्शन करने पर दोषियों के खिलाफ जुर्माने और सजा का प्रावधान भी किया गया है। भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस बिल पर चर्चा करते हुए कहा है कि पायरेसी के कारण फिल्म इंडस्ट्री को बहुत नुकसान होता है और ऐसे में ये विधेयक बॉलीवुड को पूरी तरह से बचाएगा।
सिनेमाटोग्राफ संशोधन बिल 2023 को पारित करते हुए मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है- पायरेसी को जड़ से खत्म करना बहुत ही जरूरी है, नहीं तो ये फिल्म इंडस्ट्री को डूबो देगा। पायरेसी के कारण फिल्म इंडस्ट्री को 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। इस विधेयक में पायरेसी के आरोप साबित होने पर तीन साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या होती है पायरेसी और क्यों हो जाती हैं फिल्में लीक।

क्या होती है पायरेसी
पायरेसी का मतलब चोरी होता है। कॉपीराइट वाली फिल्में, वेब सीरीज, वीडियोज या किसी भी प्रकार का कंटेट, जिसे गैरकानूनी तरीके से चोरी कर किसी खास वेबसाइट या किसी ऐप पर अपलोड किया जाए तो इसे ऑनलाइन पायरेसी कहा जाता है। आपको बता दें कि कई बार फिल्म के रिलीज होने के तुरंत बाद ही खबर सामने आती है कि ये नई मूवी ऑनलाइन लीक हो गई है। इसी को पायरेसी कहा जाता है।
पायरेसी के चलते होता है करोड़ों रुपए का नुकसान
लोगों को पायरेसी का भायनक रूप दिखान के लिए 'तमिलरॉकर्स'नाम की एक फिल्म आई थी। इस फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे और किस तरह से लोग फिल्मों और कंटेट की चोरी करते हैं। पायरेसी के चलते बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक की कई बड़ी बजट की फिल्मों तक को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। दरअसल ये फिल्में कई बार ओपनिंग डे पर या फिर रिलीज होने से पहले ही ऑनलाइन लीक हो जाती हैं।
लॉकडाउन पीरियड में हुई सबसे ज्यादा पायरेसी
कोरोना काल और लॉकडाउन पीरियड में फिल्मों के बिजनेस में काफी उतार-चढ़ाव नजर आया। सिनेमाघर बंद हो गए और लोगों की रुचि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की तरफ बढ़ी। लोगों को घर बैठकर फिल्म का मजा लेने में अच्छा महसूस हो रहा था। इस समय लोगों ने अपनी क्षेत्रीय भाषाओं से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड की भी कई फिल्मों का मजा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लॉकडाउन पीरियड में ही सबसे ज्यादा फिल्मों की चोरी भी हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन में 62% तक पायरेसी में उछाल देखने को मिला था।
टेलीग्राम ऐप ने पायरेसी को दिया बढ़ावा
आपको बता दें कि पहले के समय में सीडी, डीवीडी और वेबसाइट्स के जरिए पायरेसी की जाती है। लेकिन जब से टेलीग्राम ऐप ने अपने पैर पसारे हैं तो इस तरह की चोरी में भी इजाफा देखने को मिला है। साल 2022 में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें दावा किया गया था कि वॉट्सऐप और टेलीग्राम की मदद से सबसे ज्यादा पायरेसी हो रही है। मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक आश्रम से लेकर रॉकेट बॉयज जैसी वेब सीरीज को सबसे ज्यादा टॉरेंट साइट्स पर चोरी किया गया था।
इन फिल्मों की हुई थी सबसे ज्यादा पायरेसी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 में सबसे ज्यादा चोरी की गई हॉलीवुड फिल्म 'स्पाइडर-मैन नो वे होम' थी। इसके अलावा हॉलीवुड की 'द बैटमैन', 'डॉक्टर स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस', 'जुरासिक वर्ल्ड: डोमिनियन' को पायरेसी करके लोगों ने देखा था। वहीं इंडियन फिल्मों की बात करें तो सबसे ज्यादा पायरेटेड फिल्मों में आरआरआर, 'केजीएफ: चैप्टर 2', 'बीस्ट' और 'पुष्पा: द राइज-पार्ट वन' का नाम शामिल है।












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