मानहानि मामला: कोर्ट में बोले जावेद अख्तर- कंगना रनौत का एकमात्र इरादा अदालती कार्यवाही में देरी करना है
जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा है कि कंगना रनौत द्वारा दायर याचिका का मकसद अंधेरी के मजिस्ट्रेट कोर्ट में उनके खिलाफ दायर मानहानि की कार्यवाही में देरी करना है।
मुंबई, 9 अगस्त। जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा है कि कंगना रनौत द्वारा दायर याचिका का मकसद अंधेरी के मजिस्ट्रेट कोर्ट में उनके खिलाफ दायर मानहानि की कार्यवाही में देरी करना है। हलफनामे में कहा गया है कि कंगना की दलीलें पूरी तरह से निराधार हैं।
Recommended Video

जावेद अख्तर की ओर से दायर हलफनामें में कहा गया है कि वर्तमान याचिका बिना किसी आधार के कार्यवाही में देरी करने के एकमात्र इरादे से दायर की गई है और दूसरी बात ये है कि आवेदक (कंगना रनौत) पिछली 5 तारीखों पर किसी न किसी बहाने से कोर्ट से सामने पेश नहीं हुई हैं।
यह भी पढ़ें: Video:हिंदी गानों पर डांस करने में बॉलीवुड एक्ट्रेस को भी किया फेल! सोशल मीडिया सेंसेशन बनी जापानी गर्ल
बता दें कि कंगना रनौत ने जस्टिस मोहिते-डेरे के समक्ष जावेद अख्तर द्वारा उनके खिलाफ दायर किए गए मानहानि मामले की कार्यवाही को रद्द करने के लिये याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट जुहू पुलिस को जांच करने का निर्देश देने के बजाय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत शिकायतकर्ता और शिकायत में नामित गवाहों पर कार्रवाई करने के लिए बाध्य हैं।
क्या था मामला
बता दें कि जावेद अख्तर ने पिछले साल कंगना रनौत पर मानहानि का केस किया था। जावेद अख्तर ने आरोप लगाया था कि कंगना ने जुलाई 2020 में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान उनके खिलाफ कई आपत्तिजनक बयान दिए थे। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने रनौत को फरवरी 2021 में नोटिस जारी कर अदालत में पेश होने को कहा था।
हालांकि, कंगना कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुई और उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट की इस प्रक्रिया को डिंडोशी सत्र न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन सत्र न्यायालय ने उनकी याचिका को अप्रैल में खारिज कर दिया। इससे पहले कंगना ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया, जहां जावेद अख्तर के वकीलों ने कुछ तथ्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकती। इसके बाद कंगना रनौत ने जस्टिस मोहिते-डेरे की सिंगल बेंच का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सोमवार को अपना हलफनामा कोर्ट में पेश किया, जिस पर 18 अगस्त को सुनवाई होगी।












Click it and Unblock the Notifications