Budget 2026: OTT से लेकर VFX और गेमिंग तक, मीडिया-एंटरटेनमेंट सेक्टर की सरकार से बड़ी उम्मीदें
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज यानी 1 फरवरी 2026 को बजट 2026-27 पेश करने वाली हैं। ऐसे में भारत का मीडिया और मनोरंजन (M&E) सेक्टर अपनी मांगों को पहले से ज्यादा स्पष्ट रूप में सामने रख रहा है।
डिजिटल और क्रिएटिव कारोबार को मिलेगी नई दिशा
उद्योग जगत का कहना है कि ये बजट तेजी से बढ़ रहे डिजिटल और क्रिएटिव कारोबार को नई दिशा दे सकता है खासकर गेमिंग, ईस्पोर्ट्स, ओटीटी और कंटेंट निर्माण जैसे क्षेत्रों में। पिछले दो बजटों में सीमित राहत मिलने के बाद, इस बार उद्योग नियामकीय स्पष्टता और कर संरचना में सुधार की उम्मीद कर रहा है।

गेमिंग और ईस्पोर्ट्स को मिले क्रिएटिव इकोनॉमी का दर्जा
भारत का गेमिंग इकोसिस्टम दुनिया के सबसे बड़े यूजर बेस में से एक बन चुका है। रेडसीर और बिटक्राफ्ट वेंचर्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भारत में 500 मिलियन सक्रिय गेमर्स थे। इसके बावजूद उद्योग का मानना है कि गेमिंग को अब भी संकीर्ण उपभोग श्रेणी के रूप में देखा जाता है जबकि ये कौशल-आधारित, बौद्धिक संपदा (IP) और निर्यात क्षमता वाला सेक्टर है।
सबसे बड़ी मांग: ईस्पोर्ट्स को खेल का आधिकारिक दर्जा
उद्योग चाहता है कि ईस्पोर्ट्स को पारंपरिक खेलों की तरह मान्यता मिले। नोडविन गेमिंग के सह-संस्थापक अक्षत राठी ने कहा है- अगर ईस्पोर्ट्स को खेल माना जाता है, तो पुरस्कार राशि और स्पॉन्सरशिप पर कराधान भी उसी तरह होना चाहिए। इससे प्रतिस्पर्धी गेमिंग को स्थिरता मिलेगी।
कर नियमों में स्पष्टता और स्किल गेमिंग की अलग पहचान
गेमिंग स्टार्टअप्स की मांग है कि कराधान के नियमों में स्पष्टता लाई जाए ताकि गेम डेवलपमेंट, ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट, इन-गेम मोनेटाइजेशन, प्लेटफॉर्म रेवेन्यू पर एक समान और स्पष्ट नीति लागू हो सके। उद्योग ये भी चाहता है कि सट्टा गेमिंग और स्किल-आधारित गेमिंग के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए।
OTT और TV सब्सक्रिप्शन पर जीएसटी कम करने की मांग
-इस बजट में OTT और TV सब्सक्रिप्शन पर GST 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की जा रही है। गेमिंग के अलावा OTT प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल पब्लिशर्स की एक साझा मांग है और वो है GST दर में भारी कटौती। उद्योग संगठनों का कहना है कि टीवी और OTT अब विलासिता नहीं बल्कि हर घर की जरूरत बन चुके हैं।
-आईबीडीएफ के सीईओ अविनाश पांडे ने कहा- सिनेमा टिकट पर 12 फीसदी GST है लेकिन पूरे महीने की OTT सदस्यता पर 18 फीसदी जीएसटी लगती है, ये एक संरचनात्मक असंगति है।
GST घटने से क्या होगा फायदा?
-टियर-2 और टियर-3 शहरों में सब्सक्रिप्शन बढ़ेगा
-कनेक्टेड टीवी की पहुंच बढ़ेगी
-विज्ञापन बाजार को मजबूती मिलेगी
कंटेंट निर्माण और IP ओनरशिप के लिए टैक्स प्रोत्साहन की मांग
फिल्म, टीवी, संगीत और डिजिटल कंटेंट बनाने वाले स्टूडियो चाहते हैं कि कंटेंट प्रोडक्शन पर टैक्स इंसेंटिव मिले। IP ओनरशिप को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही निर्यात क्षमता को समर्थन मिले। उद्योग का तर्क है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े कंटेंट उत्पादकों में है लेकिन लागत दबाव के कारण कमाई और निर्यात सीमित है।
TDS दर घटाने और GST अनुपालन सरल करने की सिफारिश
ईवाई इंडिया के पार्टनर रवि महाजन का कहना है- TDS को 10 फीसदी से काफी कम करने से कंपनियों की वर्किंग कैपिटल में फंसी रकम घटेगी। साथ ही GST मूल्यांकन प्रक्रिया को केंद्रीकृत और सरल बनाया जाना चाहिए।
स्किल डेवलपमेंट: VFX, गेम डेवलपर्स और AI प्रोडक्शन में प्रशिक्षण की जरूरत
M&E सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए उद्योग VFX आर्टिस्ट, साउंड डिजाइनर, एडिटर्स, गेम डेवलपर्स, AI-सहायता प्राप्त प्रोडक्शन एक्सपर्ट्स के लिए विशेष कौशल विकास और अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम की मांग कर रहा है।
कंटेंट को 'इन्फ्रास्ट्रक्चर' की तरह देखा जाए
उद्योग जगत का मानना है कि अब समय आ गया है कि गेमिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और कंटेंट निर्माण को लाइफस्टाइल नहीं बल्कि आर्थिक विकास के इंजन के रूप में देखा जाए। उनका स्पष्ट संदेश है- कंटेंट रोजगार देता है, निर्यात बढ़ाता है और भारत की सांस्कृतिक ताकत को दुनिया तक पहुंचाता है।












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