आस्था शाह कौन? 'विटिलिगो' की सारी बेड़ियां तोड़कर रेड कार्पेट पर दिखाएंगी जलवा, जानें हसीना के बारे में...
Who is Aastha Shah: दुनियाभर में न जाने कितने लोग हैं, जिनके संघर्ष की कहानी रुला देती है। आज हम आपको एक ऐसी इन्फ्लुएंसर के बारे में बताएंगे जो इस बार के कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर वॉक करने को पूरी तरह से तैयार हैं। ये हसीना एक ऐसी बीमारी से जूझ रही हैं, जो किसी की भी हिम्मत तोड़ दे। मगर इन बेड़ियों को तोड़ते हुए हसीना अब अपना जलवा दिखाएंगी।
77वां कांस फिल्म फेस्टिवल शुरू होने वाला है। इस बार रेड कार्पेट पर एक ऐसी हसीना दिखने वाली हैं, जिनके संघर्षों की कहानी सुन आप भी एक बार को भावुक हो जाएंगे। चलिये जानते हैं कौन है ये हसीना और क्या हुआ है इनके साथ....

इस हसीना का नाम आस्था शाह है, जो पहली ऐसी इंडियन कंटेंट क्रिएटर हैं, जो काफी लंबे समय से स्किन डिसऑर्डर से जूझ रही हैं। उन्हें विटिलिगो नाम की समस्या है। मगर सारी बेड़ियां तोड़ते हुए वे रेड कार्पेट पर छा जाने को पूरी तरह से तैयार हैं। आस्था वो हैं, जिन्होंने लोगों को सुंदरता की एक नई परिभाषा दी है।
बताते चलें कि आस्था के इंस्टाग्राम पर 9 लाख से भी ज्यादा फॉलोवर्स हैं यानी 1 मिलियन के करीब पहुंचने के लिए वे थोड़ी ही दूरी पर हैं। आस्था एक मैगजून के शॉर्ट वीडियो से फेमस हुई थीं। आस्था ने अपनी जर्नी के बारे में भी बताया है ।
आस्था ने कहा कि उन्हें बचपन से ही विटिलिगो यानी कि सफेद दाग की समस्या है। शुरुआत में उनकी स्किन पर पैच थे, वे उसकी दवाएं भी ले रही थीं। आस्था कहती हैं कि वे कभी भी स्किन और शरीर को लेकर कॉन्शियस नहीं थी क्योंकि माता-पिता ने बचपन से ही सहज महसूस कराया था। मगर सोसाइटी ने आस्था को ये महसूस कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि उनके साथ कुछ गलत है।
आस्था ने बताया कि विटिलिगो उनके पूरी शरीर में फैला तो उन्होंने दवाएं लेनी ही बंद कर दीं। क्योंकि वे खुद को वैसे ही एक्सेप्ट करना चाहती थीं, जैसी वे हैं। इतना ही नहीं वे आसपास के लोगों को भी प्रेरित करना चाहती थीं। आस्था की जर्नी ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से शुरू हुई थी, जो उनकी कहानी को लाखों करोड़ों लोगों के सामने लेकर आए।
इसके बाद आस्था सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहने लगीं और उन्होंने लोगों से बातचीत करना भी शुरू कर दिया। आस्था ने बताया कि कई ब्रांड्स ने उन्हें सपोर्ट किया। नायका ब्यूटी के साथ उन्होंने कोलैबोरेट किया और फिर आस्था के रंग के हिसाब से उन्होंने न्यू फाउंडेशन के और नए शेड्स लॉन्च किये।
वुमन्स डे पर आस्था को कॉस्मापॉलिटन ने अपने कवर पेज पर जगह दी और उन्हें इंस्पिरेशनल और सुंदर महिला के रूप में प्रेजेंट किया।
इस स्किन डिसऑर्डर के साथ जी पाना आस्था के लिए कभी भी आसान नहीं रहा। वे बताती हैं कि उन्हें हर वक्त खुद को ढके रखना पड़ता था और कई बार ऐसे कपड़े भी पहनने पड़ते थे, जिससे उनके शरीर का कोई अंग ना दिखे। उन्हें ये बात कभी समझ ही नहीं आई कि लोगों ने उन्हें सपोर्ट क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा।
बताते चलें कि विटिलिगो एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें स्किन का पिगमेंटेशन लगातार खत्म होता चला जाता है।












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