Tihar Jail Shift: दिल्ली से बाहर जाएगी तिहाड़ जेल, अब कहां होगा कैदियों का नया 'ठिकाना'?
Tihar Jail Shift: दिल्ली सरकार तिहाड़ जेल, जो 1958 से पश्चिमी दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और लगभग 400 एकड़ में फैली है, को शहर के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोसायटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स (SILF) के 25वें वर्षगांठ समारोह में इसकी घोषणा की।
यह कदम वेस्ट दिल्ली में सुरक्षा चिंताओं को कम करने और नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच (Justice Accessibility) को बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। स्थानांतरण के लिए सर्वे और योजना के लिए ₹10 करोड़ का बजट भी आवंटित किया गया है, जिसका लक्ष्य जेल की क्षमता को तीन गुना करना है।

मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
ब्रांडीना रोड पर 'द ललित' होटल में SILF के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि सरकार तिहाड़ जेल को दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थानांतरित करने पर तेज़ी से काम कर रही है। उन्होंने इस कदम को 'जीवन की सुगमता' (Ease of Living) और 'न्याय की सुगमता' (Ease of Justice) सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना है कि यह स्थानांतरण न केवल स्थानीय निवासियों की परेशानियों को कम करेगा, बल्कि न्याय प्रणाली की पहुंच के दायरे को भी बढ़ाएगा। यह उनकी सरकार की न्याय सुधारों की व्यापक योजना का हिस्सा है।
ये भी पढे़ं: Delhi Pollution की निगरानी को CM Rekha Gupta का नया पैनल गठित, कौन हैं सदस्य? नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना?
ओवरक्राउडिंग की वजह से होगा बदलाव
तिहाड़ जेल परिसर में वर्तमान में क्षमता से कहीं अधिक कैदी हैं, जिसके कारण सुरक्षा और प्रबंधन की चिंताएँ बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए, जेल नंबर 1 से 9 की डिज़ाइन क्षमता लगभग 5,000 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में उनमें 12,000 से अधिक कैदी रखे गए हैं। स्थानांतरण के बाद तिहाड़ की कैदी क्षमता को तीन गुना करने की योजना है, जिससे अगले पांच से दस वर्षों तक कैदियों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके। यह ओवरक्राउडिंग की समस्या को स्थायी रूप से हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ये भी पढे़ं: Delhi Traffic Alert: दिल्ली की 6 सड़कें आज शाम 7 बजे तक बंद, घर से निकलने से पहले चेक कर लें रूट
योजना और सर्वेक्षण के लिए बजट आवंटन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार ने शुरुआती कदम उठाते हुए बजट आवंटित किया है। सर्वे और योजना बनाने के लिए ₹10 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह फंड जेल के नए स्थान का निर्धारण करने, आवश्यक बुनियादी ढांचे की योजना बनाने और स्थानांतरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए उपयोग किया जाएगा। यह दर्शाता है कि सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है और जल्द से जल्द इस पर कार्य शुरू करना चाहती है।
ये भी पढे़ं: Pension Yojana: दिल्लीवासियों की खुली किस्मत! हर माह मिलेंगे 2500 रु, Rekha Gupta का नया प्लान-कैसे करें आवेदन
1958 में हुई थी तिहाड़ जेल की स्थापना
तिहाड़ जेल की स्थापना वर्ष 1958 में हुई थी और यह भारत के सबसे बड़े जेल परिसरों में से एक है, जो 400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह वेस्ट दिल्ली के घनी आबादी वाले क्षेत्र के दिल में स्थित है, जिसके कारण आस-पास के आवासीय इलाकों में सुरक्षा और यातायात की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह 67 साल पुरानी अवस्थिति अब शहर के विकास के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रही है, जिससे सुरक्षा कारणों और जनता की सुविधा के लिए इसे बाहरी इलाके में ले जाना अपरिहार्य हो गया है।












Click it and Unblock the Notifications