Sonia Gandhi Health Update: अचानक अस्पताल में कराना पड़ा एडमिट, कैसी है अब सोनिया गांधी की तबीयत?
Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार, 6 जनवरी 2026 की सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी को पुरानी खांसी (Chronic Cough) और प्रदूषण के कारण होने वाली सांस संबंधी दिक्कतों की वजह से भर्ती किया गया है। वर्तमान में उन्हें एक चेस्ट फिजीशियन (छाती रोग विशेषज्ञ) की देखरेख में रखा गया है और उनकी स्थिति 'स्थिर' बताई जा रही है। 79 वर्षीय वरिष्ठ नेता की स्थिति पर कांग्रेस पार्टी ने अभी तक कोई औपचारिक बुलेटिन जारी नहीं किया है, जिससे कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल है।

स्वास्थ्य संबंधी पुरानी समस्याएं, क्या है ताजा अपडेट
सोनिया गांधी पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। प्रदूषण और मौसम में बदलाव के कारण उन्हें अक्सर श्वसन संबंधी परेशानियों (Respiratory issues) का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के सूत्रों ने जानकारी दी कि यह एक 'रूटीन' भर्ती भी हो सकती है, क्योंकि वह समय-समय पर अपनी नियमित जांच के लिए आती रहती हैं। इससे पहले जून 2025 में भी उन्हें पेट से जुड़ी समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां गैस्ट्रो विभाग ने उनकी जांच की थी।
जून में शिमला में हुई थी जांच
सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर पिछले साल जून में भी चर्चाएं तेज हुई थीं, जब वे हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में थीं। वहां अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) ले जाया गया था। विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच में स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। दिल्ली की मौजूदा वायु गुणवत्ता और ठंड को देखते हुए डॉक्टर अब अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
विरोध के बावजूद बनीं पार्टी की 'धुरी'
जब सोनिया गांधी ने 1998 में पार्टी की कमान संभाली, तब कांग्रेस केवल तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, ओडिशा और मिजोरम) तक सिमट गई थी। उनके विदेशी मूल को लेकर शरद पवार और पी.ए. संगमा जैसे कद्दावर नेताओं ने बगावत की थी, लेकिन उन्होंने अपने धैर्य और संगठन कौशल से पार्टी को पुनर्जीवित किया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर वापसी की, बल्कि 16 राज्यों तक अपनी सत्ता का विस्तार किया। वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद के रूप में सक्रिय हैं और विपक्ष की एक प्रभावशाली आवाज बनी हुई हैं।












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