दिल्ली में चली तेज हवाओं से मिली राहत, सोमवार के बाद एयर क्वालिटी में और सुधार की उम्मीद
नई दिल्ली, 06 नवंबर: दिवाली के दो दिन बाद राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'खतरनाक' श्रेणी में बनी हुई है। पड़ोसी राज्यों में पटाखों और पराली जलाने से उत्पन्न स्थिति में अगले कुछ दिनों में काफी सुधार होने की संभावना नहीं है। हालांकि दिल्ली में आज सुबह से तेज हवाएं चल रही हैं। जिसके चलते माना जा रहा है कि, दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में अगले कुछ घंटों में सुधार देने को मिल सकता है। दिल्ली में शनिवार को तेज हवाएं चलने से हवा की क्वालिटी में थोड़ा सुधार देखा गया है। अगले दो दिनों में हवा और साफ होने की उम्मीद है।
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पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की खबरों के बीच अगले सप्ताह तक स्थिति में सुधार की संभावना नहीं है। नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि अकेले पंजाब में ही 3,500 से अधिक पराली जलाने के स्थान हैं। इन स्थानों के तुरंत कम होने की संभावना नहीं है क्योंकि पंजाब और हरियाणा में कटाई का पीक सीजन शुरू होने जा रहा है और इसलिए, यदि मौसम की स्थिति एक बार फिर से प्रतिकूल हो जाती है, तो समस्या वास्तव में बढ़ सकती है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) द्वारा जारी किए गए डेटा के मुताबिक, दिल्ली में अभी भी ज्यादातर जगहों के लिए हवा 'खतरनाक श्रेणी' में है। शनिवार की सुबह, आनंद विहार और फरीदाबाद ने 600 से ऊपर एक्यूआई दर्ज किया। जबकि इंडिया गेट, मंदिर मार्ग, श्रीनिवासपुरी सहित अधिकांश स्थानों पर अभी भी 400 का एक्यूआई है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में अभी भी एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है।
हालांकि बहादुरगढ़, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के आरके पुरम में प्रदूषण कुछ कम हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, दोपहर बाद दिल्ली-एनसीआर में कुछ राहत की उम्मीद है। मौसम विभाग ने तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है, जिससे शनिवार को शहर की आबोहवा को प्रदूषक कणों से मुक्त होने में मदद मिलेगी। लेकिन हवा की दिशा उत्तर पश्चिम से है, जो दिल्ली में पराली जलाने वाला प्रदूषण लाएगी। चूंकि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के बिंदुओं की संख्या अभी भी अधिक है, इसलिए यह संभव नहीं है कि सोमवार से पहले हवा की गुणवत्ता में भारी सुधार हो।
शुक्रवार की तुलना में सुबह दृश्यता में सुधार के साथ राजधानी में स्मॉग की स्थिति में सुधार हुआ है। शनिवार सुबह दो हवाई अड्डों पर 600 मीटर से 800 मीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि दिवाली की रात दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई और यहां तक कि कनॉट प्लेस में हाल शुरू 'स्मॉग टॉवर' भी आसपास के निवासियों को सांस लेने योग्य हवा नहीं दे सका। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि दिवाली की रात दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गई और यहां तक कि कनॉट प्लेस में हाल शुरू 'स्मॉग टॉवर' भी आसपास के निवासियों को सांस लेने योग्य हवा नहीं दे सका।












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