Opinion poll: आज लोकसभा चुनाव हुए तो दिल्ली में AAP को बंपर बढ़त, BJP का क्या होगा? जानिए
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए दो मोर्चा पहले से ही मैदान में उतर चुका है। 38 पार्टियों के एनडीए गठबंधन की अगुवाई केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी कर रही है। जबकि, विपक्षी खेमे के इंडिया गठबंधन में 26 पार्टियां शामिल हैं, जिनका नेता या संयोजक भी अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन, इसी दौरान दिल्ली की सातों सीटों को लेकर एक ओपिनियन पोल हुआ है।
विपक्षी गठबंधन में दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी भी शामिल है। अब इन दलों के बीच सीटों के तालमेल पर बात होनी है। आम आदमी पार्टी का इस गठबंधन में शामिल होने को लेकर संदेह था, लेकिन जब कांग्रेस ने दिल्ली पर केंद्र के अध्यादेश के विरोध करने का ऐलान कर दिया तो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी भी उसका हिस्सा बन गई।

दिल्ली में लोकसभा का ओपिनियन पोल
विपक्षी दलों के बीच सीटों पर तालमेल का क्या फॉर्मूला निकलेगा, उससे पहले राजधानी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों पर चुनावी मूड का एक सर्वे हुआ, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि अगर अभी चुनाव हुए तो दिल्ली के मतदाता किस ओर रुख करेंगे।
2019 में सातों सीटों पर जीती थी बीजेपी
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में राजधानी की सभी सातों सीटों पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहा था और उसे 56.9% वोट प्राप्त हुए थे। वहीं, 2019 में कांग्रेस दूसरे नंबर पर तो रही थी, लेकिन सिर्फ 22.5% वोट ही जुटा सकी थी। वहीं दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी मात्र 18.1% वोट के साथ तीसरे नंबर पर सिमट गई थी।
AAP का वोट शेयर 32%- ओपिनियन पोल
इस बीच टाइम्स नाउ नवभारत ओपिनियन पोल ने दिल्ली में लोकसभा चुनावों को लेकर एक ताजा सर्वे किया है। इसके नतीजे 2019 के लोकसभा चुनावों के नतीजों की तुलना में काफी अलग हैं। इसके अनुसार आम आदमी पार्टी का वोट शेयर बंपर तरीके से बढ़कर 32% तक पहुंच सकता है। जबकि, अभी चुनाव होने पर कांग्रेस का जनाधार और भी घटकर महज 15% वोट शेयर तक गिर सकता है।
बीजेपी की सीटों में बदलाव की संभावना नहीं- ओपिनियन पोल
लेकिन, जहां तक सीटों का सवाल है तो इस ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं होने का संकेत मिल रहा है। क्योंकि, सर्वे का अनुमान है कि भले ही आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 18.1% से बढ़कर 2024 में 32% पहुंचने की संभावना है, लेकिन यह सीटों में तब्दील होती नहीं दिख रही है।
कांग्रेस-AAP गठबंधन के बाद भी बीजेपी रहेगी आगे-सर्वे
यही नहीं सर्वे के अनुमानों के मुताबिक अगर दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर भी चुनाव लड़े तो भी बीजेपी आगे रहेगी। लेकिन, आम आदमी पार्टी को लेकर कांग्रेस की प्रदेश इकाई में जिस तरह का विरोध है, उसके बाद तालमेल पर जबतक कोई ठोस फैसला नहीं होता, सवाल बरकरार रहने वाला है।
वैसे यह आम आदमी पार्टी के करीब एक दशक पुराने इतिहास का यह दूसरा मौका है, जब वह कांग्रेस के साथ जुड़ी है। पहली बार पार्टी ने 2013 में कांग्रेस के बाहरी समर्थन से दिल्ली में सरकार बनाई थी। वह सरकार सिर्फ 49 दिन चल पाई थी। लेकिन, अबकी बार दोनों पार्टियां 26 दलों के इंडिया गठबंधन में बीजेपी के खिलाफ एक साथ आई हैं।












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