दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा, नई आबकारी नीति का 'ड्रंक एंड ड्राइविंग' से कोई लेना-देना नहीं
नई दिल्ली, अगस्त 25। दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि सरकार ने नई आबकारी नीति में शराब पीने की उम्र को 25 से घटाकर 21 साल कर दी है। सरकार के इस फैसले से राजधानी में 'ड्रंक एंड ड्राइविंग' के मामले बढ़ सकते हैं। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि नई आबकारी नीति में शराब पीने की उम्र कम करने का 'ड्रंक एंड ड्राइविंग' से कोई लेना-देना नहीं है। केजरीवाल सरकार ने पॉलिसी का बचाव किया है।

शराब पीने की कानूनी उम्र पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं- सिंघवी
हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब देश में वोट डालने की आयु 18 वर्ष है, तो शराब पीने की कानूनी उम्र पर प्रतिबंध लगाना ठीक नहीं है। सिंघवी ने कहा, "सही मायने में कोई भी शराब पीकर गाड़ी चलाने का समर्थन नहीं करता है।" उन्होंने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने के खिलाफ अगल से सख्त कानून और सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने के बाद दिल्ली सरकार को एक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
एक एनजीओ ने दाखिल की है जनहित याचिका
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के खिलाफ एक एनजीओ कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग ने जनहित याचिका दाखिल की है। इस याचिका में दिल्ली सरकारी की नई आबकारी नीति का विरोध किया गया है। याचिका में बार, पब, शराब की दुकानों और भी खाद्य और पेय आउटलेट समेत शराब बेचने और परोसने वाले स्थानों पर अनिवार्य आयु की जांच की मांग भी की गई है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने नई पॉलिसी में शराब पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल कर दी है।












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