कैलाश गहलोत ने छोड़ा AAP का साथ, पार्टी के भीतर के कलह का दिया हवाला, जानिए उनके करियर से जुड़ी खास बातें
कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के भीतर चुनौतियों और विवादों का हवाला दिया है। अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में गहलोत ने आप को परेशान करने वाले मुद्दों पर अपनी चिंता व्यक्त की है। इस तरह उन्होंने पार्टी के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों से अलग होने का संकेत दिया है।
गहलोत दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप में, उन्होंने प्रशासनिक सुधार, परिवहन, गृह, महिला एवं बाल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई प्रमुख विभागों का प्रबंधन किया। इन क्षेत्रों में नीतियों को आकार देने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
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फरवरी 2015 में, गहलोत ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी पहली चुनावी जीत हासिल की। उन्होंने नजफगढ़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, एक ऐसा क्षेत्र जिसके साथ उनके गहरे पारिवारिक संबंध हैं। उनकी जड़ें नजफगढ़ के मित्राउन गांव से जुड़ी हैं, जहां उनका परिवार नौ पीढ़ियों से रह रहा है।
कानूनी पृष्ठभूमि
राजनीति से परे, गहलोत एक कुशल वकील हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में वकालत करने का 16 साल से ज़्यादा का अनुभव है। 2005 से 2007 के बीच, उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के बार एसोसिएशन में एक कार्यकारी सदस्य के रूप में काम किया, जहां उन्होंने अपनी कानूनी सूझबूझ का परिचय दिया। 2018 में गहलोत को आयकर विभाग की जांच का सामना करना पड़ा।
विभाग ने कर चोरी के आरोपों के चलते उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस घटना ने उस दौरान उनके वित्तीय लेन-देन पर काफी ध्यान आकर्षित किया। गहलोत का इस्तीफा आप के नेतृत्व की गतिशीलता में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। उनके जाने से पार्टी के सामने आने वाली आंतरिक चुनौतियों और चल रहे विवादों के बीच इसकी भविष्य की दिशा पर सवाल उठते हैं।
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