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India Global Hunger Index में 107वें नंबर पर पहुंचा, बांग्लादेश आगे निकला

India Global Hunger Index में 107वें नंबर पर पहुंच गया है। बांग्लादेश भारत से आगे निकल गया है। India Global Hunger Index 107 spot among 121 nations

India Global Hunger Index में 121 देशों में से 107वें स्थान पर है। ये नंबर युद्धग्रस्त अफगानिस्तान को छोड़कर अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों से पीछे है। भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2022 में बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। 107वें स्थान पर खिसकने के बाद भारत वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआई), 2022 में छह पायदान नीचे गया है।

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    India Global Hunger Index

    यूरोपीय एजेंसी ने कहा- भारत में भूख का स्तर गंभीर

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल हंगर इंडेक्स, यूरोपियन एनजीओ कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्थुंगरहिल्फ़ (European NGOs Concern Worldwide and Welthungerhilfe) के प्रकाशकों ने ये सूची तैयार की है। भारत को वैश्विक भूख सूचकांक में 29.1 के स्कोर के साथ रखा गया है। यूरोपियन एनजीओ ने भारत में भूख के स्तर को गंभीर करार दिया है।

    121 देशों में पाकिस्तान, बांग्लादेश किस नंबर पर

    बांग्लादेश, 121 देशों के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में आठ पायदान नीचे खिसका है। 84वें स्थान पर बांग्लादेश ने पिछले साल की 76वीं रैंक के बाद से काफी सुधार किया है। लगभग सभी पड़ोसी देशों में अच्छा प्रदर्शन होने का दावा किया गया है। पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार क्रमशः 99, 64, 84, 81 और 71वें स्थान पर हैं। कुल 17 देशों को सामूहिक रूप से 1 और 17 के बीच रखा गया है। इन देशों का स्कोर पांच से कम है।

    कई देशों में भूख का स्तर खतरनाक

    बता दें कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स एक ऐसा टूल है जो वैश्विक स्तर पर भूख की स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और देशों में भी भूख के स्तर की ट्रैकिंग कर वार्षिक माप जारी करता है। 2022 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में बहुत सारे देशों में भूख के खतरनाक स्तर को देखा जा सकता है। इसके अलावा Global Hunger Index अलग-अलग देशों के बदलते प्रक्षेपवक्र (trajectory) को भी दर्शाता है। इसका भी अंदाजा मिलता है कि किन देशों में भूख से निपटने में दशकों की प्रगति नष्ट हो रही है।

    किन पैमानों पर बनता है वैश्विक भूख सूचकांक

    Global Hunger Index के तहत देशों को दिए जाने वाले नंबर (जीएचआई स्कोर) चार संकेतकों पर आधारित होते हैं। इनमें अल्पपोषण (undernourishment), बाल स्टंटिंग (child stunting), बाल बर्बादी (child wasting) और बाल मृत्यु दर (child mortality) शामिल हैं। अल्पपोषण अपर्याप्त कैलोरी सेवन के साथ जनसंख्या के हिस्से का भी प्रतिनिधित्व करता है। GHI सूचकांक में उच्च स्कोर का मतलब देश या क्षेत्र में भूख की बिगड़ती स्थिति है। शून्य सबसे अच्छा स्कोर माना जाता है, ये दर्शाता है कि उस क्षेत्र विशेष में भूख से अधिक संघर्ष नहीं है या कोई भूखा नहीं है।

    भारत की जनसंख्या में कुपोषितों का अनुपात

    साल 2000 में भारत का जीएचआई स्कोर 38.8 अंक था। इसे खतरनाक माना जाता है। 2022 के हंगर इंडेक्स में भारत का स्कोर 29.1 हो गया है, इसे भी गंभीर माना जाता है। गौरतलब है कि भारत की जनसंख्या में कुपोषितों का अनुपात मध्यम स्तर पर माना जाता है। पांच वर्ष से कम आयु में मरने वाले बच्चों को बाल मृत्यु दर के तहत गिना जाता है। इसे भी कम माना जाता है।

    भारत में बच्चों की बर्बादी की दर

    बाल स्टंटिंग के पैमाने पर भारत 1998-1999 में 54.2 प्रतिशत स्कोर पर था। 2019-2021 में 35.5 प्रतिशत का स्कोर भी बहुत अधिक है, लेकिन गत 20 साल में इसे उल्लेखनीय कमी के रूप में देखा जा रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार - जीएचआई में शामिल सभी देशों की तुलना में भारत में बच्चों की बर्बादी की दर सबसे अधिक है। यह दर 1998-1999 की तुलना में और अधिक हो गई है। वर्तमान दर 19.3 प्रतिशत है, जबकि 20 साल पहले यह 17.1 प्रतिशत थी।

    भारत और आसपास के देशों में अल्पपोषण में वृद्धि

    गौरतलब है कि पूरी दुनिया कोविड -19 महामारी के कारण पैदा हुई जबरदस्त चुनौतियों का सामना कर रही है। इसके बाद फरवरी माह में यूक्रेन में युद्ध शुरू हो गया। रूस और यूक्रेन के संघर्ष से दर्जनों देश प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन भी अहम कारक बना है। ऐसे कारणों सहित कई अन्य फैक्टर रहे हैं जिनके कारण भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में अल्पपोषण में वृद्धि देखी गई है। बता दें कि भारत में कुपोषण 2019-2021 और 2018-2020 के बीच 2.9% रहा था। 2019-2021 और 2013-2015 के बीच कुपोषण 9.1% बढ़ा था।

    GHI 2022 पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

    वैश्विक भूख सूचकांक में भारत के कम प्रदर्शन पर तेलंगाना के शहरी विकास मंत्री, केटी रामाराव ने ट्वीट कर भारत सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "एक और दिन और एनपीए सरकार की एक और अद्भुत उपलब्धि। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत 101वें से फिसलकर 107वें स्थान पर आ गया है।" उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि विफलता को स्वीकार करने के बजाय भाजपा के जोकर अब रिपोर्ट को भारत विरोधी बताकर खारिज कर देंगे। @KTRTRS ट्विटर हैंडल पर KTR ने हैशटैग #AchheDin भी लिखा।

    भारत में 22.4 करोड़ लोग कुपोषित

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने निराशा व्यक्त करते हुए सवाल किया, माननीय पीएम बच्चों के बीच कुपोषण, भूख और स्टंटिंग और वेस्टिंग जैसे वास्तविक मुद्दों को कब संबोधित करेंगे ? उन्होंने कहा कि भारत में 22.4 करोड़ लोग कुपोषित माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंक सबसे नीचे है - 121 देशों में से 107वें नंबर पर।

    शिक्षा बिना भारत नंबर एक नहीं

    आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, भाजपा 5 ट्रिलियन वाली अर्थव्यवस्था बनाने के लिए भाषण देती है। हम हंगर इंडेक्स में 107वें नंबर फिसल चुके हैं। यहां तक ​कि भारत से ऊपर 106 देशों में नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं, जो नागरिकों को दो जून की रोटी उपलब्ध कराने के मामले में हमसे बेहतर हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा, भारत हर बच्चे को अच्छी शिक्षा दिए बिना नंबर 1 नहीं बन सकता।

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