Durgapur Case: ‘माँ, माटी, मानुष’ शर्मिंदा', ममता बनर्जी के बयान पर BJP MP बांसुरी स्वराज ने साधा निशाना
Durgapur Case: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस घटना के बाद प. बंगाल में बढ़ती महिला अपराधों को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
अब इस पर भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान को असंवेदनशील और पीड़िता के प्रति न्यायहीन बताया जिसमें ममता बनर्जी ने कहा कि लड़कियों को देर रात के बाद बाहर नहीं जाना चाहिए।

बांसुरी स्वराज का पलटवार
बीजेपी सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी न केवल राज्य की मुख्यमंत्री हैं बल्कि गृह मंत्री भी हैं, इसलिए महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे उनकी है। बांसुरी स्वराज ने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मां दुर्गा के बंगाल में महिलाएं असुरक्षित हैं।
बांसुरी स्वराज ने ममता बनर्जी को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ममता बनर्जी 'माँ, माटी, मानुष' के नारे लगाती हैं, लेकिन उनकी असंवेदनशीलता, प्रशासनिक विफलता और संकीर्ण मानसिकता के कारण आज बंगाल में 'माँ' शर्मिंदा है, 'माटी' खून में रंगी है और 'मानुष' दुःखी है। सरकार और मुख्यमंत्री को बलात्कार जैसी घटनाओं को सही ठहराना बंद करना चाहिए और पीड़िता को न्याय दिलाना चाहिए। सांसद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे यह मामला उचित ठहराने की बजाय दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें और पीड़िता को न्याय दिलाएं।
ममता बनर्जी ने क्या कहा था?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ममता ने छात्राओं से भी अपील की कि रात में बाहर सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेज का भी दायित्व है कि वे अपने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि घटना निंदनीय है, लेकिन हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के अपने नियम और सिस्टम होते हैं।
ममता बनर्जी ने पुलिस को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। ओडिशा में समुद्र तट पर हुए बलात्कार मामले की तुलना में बंगाल में यदि महिलाओं के साथ कुछ भी होता है, तो इसे सामान्य मामला नहीं माना जाएगा। यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता जिस निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी, वहां की भी जिम्मेदारी है कि छात्र रात के 12.30 बजे कैसे बाहर गए। घटना वन क्षेत्र में हुई थी और जांच अभी जारी है।
राजनीतिक बहस का मुद्दा
बांसुरी स्वराज के आरोप और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान के बाद बंगाल में महिला सुरक्षा, न्याय और प्रशासनिक जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है। भाजपा सांसद का कहना है कि राज्य सरकार अब केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई करे ताकि महिलाओं को सुरक्षित माहौल और पीड़ितों को न्याय मिल सके। यह विवाद महिला सुरक्षा और राजनीति में संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है और आने वाले दिनों में इस पर जनसहभागिता और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।












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