दिल्ली के RML अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सोमवार से किया आपातकालीन सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान

दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट पीजी-2021 में बार-बार हो रही देरी के खिलाफ विरोध तेज करने के लिए सोमवार से अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं का भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

नई दिल्ली, 5 दिसंबर। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट पीजी-2021 में बार-बार हो रही देरी के खिलाफ विरोध तेज करने के लिए सोमवार से अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं का भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है। बता दें कि दिल्ली के शीर्ष पांच अस्पतालों, आरएमएल अस्पताल, लेडी हार्डिंग अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, एलएनजेपी अस्पताल और जीटीबी अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों का संघ नीट पीजी-2021 में देरी के लिए 27 नवंबर से हड़ताल पर है। संघ ने 27 नंबर से ओपीडी/आईपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर रखा है, लेकिन अब संघ ने 6 दिसंबर से आपातकालीन सेवाओं का भी बहिष्कार करने का फैसला किया है।

Ram Manohar Lohia Hospital

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नहीं मिला कोई ठोस आश्वासन

डॉक्टरों ने कहा कि ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का फैसला वापस लेने के बाद भी प्रशासन से हमें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसलिए हमने अब इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार करने का फैसला किया है। आरएमएल आरडीए के प्रवक्ता डॉ. मनीष जांगड़ा ने कहा कि नीट पीजी-2021 में देरी का विरोध करने वाले डॉक्टरों को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया जा रहा है। इसलिए आरएमएल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने 6 दिसंबर से आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार करने का फैसला किया है। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि उनके पास स्टाफ की कमी है और काउंसलिंग में देरी के चलते कोई नया डॉक्टर स्टाफ में शामिल नहीं हो पा रहा है।

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    सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला

    बता दें कि साल 2021 के लिए नीट पोस्टग्रेजुएट की परीक्षा जनवरी से अप्रैल तक दो बार विलंबित हुई उसके बाद अंतत: यह सितंबर में आयोजित की गई। लेकिन अब परीक्षा के बाद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लयूएस) कोटा के लिए आय मानदंड को मौजूदा ऊपरी सीमा 8 लाख रुपए प्रति वर्ष से संशोधित करने पर विवाद के कारण प्रवेश में देरी हो रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जिसपर इस साल की शुरुआत में सुनवाई होनी थी। सुनवाई की अगली तारीख जनवरी 2022 है।

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