झूलते बिजली के तारों से मिलेगी दिल्ली को राहत, जानिए रेखा गुप्ता सरकार के इस योजना की पूरी डिटेल
Delhi underground electricity project: दिल्ली अब ओवरहेड बिजली तारों से मुक्ति की दिशा में एक बड़ा कदम उठा चुकी है और आधुनिक, सुरक्षित बिजली ढांचे की ओर अग्रसर है। राजधानी के शालीमार बाग़ स्थित जनता फ्लैट्स में ओवरहेड तारों को भूमिगत करने की दिशा में पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना को "पायलट प्रोजेक्ट" करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य न केवल बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाना है, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है।

दिल्ली को व्यवस्थित विद्युत तंत्र से लैस किया जाएगा- CM
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट न केवल बिजली आपूर्ति को और अधिक सुरक्षित बनाएगा, बल्कि शहर की सौंदर्यता बढ़ाने और नागरिकों को संभावित बिजली दुर्घटनाओं से बचाने में भी मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल उनके उस विज़न का हिस्सा है जिसके तहत दिल्ली को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित विद्युत तंत्र से लैस किया जाएगा। वर्तमान में ओवरहेड तारों से न केवल दुर्घटना का खतरा बना रहता है, बल्कि यह कई बार आपूर्ति बाधित होने और आगजनी जैसी घटनाओं का भी कारण बनता है। इस नई परियोजना के तहत धीरे-धीरे दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बिजली की तारों को भूमिगत किया जाएगा, जिससे लोगों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली मिल सके।
हम दिल्ली को वायर-फ्री बनाएंगे- ऊर्जा मंत्री
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हम दिल्ली को वायर-फ्री बनाएंगे। इसका मतलब है कि अब राजधानी को ओवरहेड तारों से मुक्ति मिलेगी। पिछले 10 वर्षों में दिल्ली सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के नाम पर शून्य फंड दिए। लेकिन अब हम एक मजबूत और भरोसेमंद बिजली अवसंरचना (पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकसित करने के प्रयास कर रहे हैं।
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टाटा पावर करेगी योजना का क्रियान्वन
इस परियोजना के संबंध में जानकारी देते हुए दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मौजूदा ओवरहेड तारों को भूमिगत केबल नेटवर्क से बदलना है, जिससे न केवल शहरी सौंदर्य में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना एक प्रयोगात्मक मॉडल के रूप में शुरू की जा रही है, जिसे भविष्य में दिल्ली के अन्य इलाकों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट को उत्तर दिल्ली के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से सरकार एक ऐसा स्मार्ट और सुरक्षित बिजली ढांचा विकसित करना चाहती है, जो न केवल टिकाऊ हो, बल्कि भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सके।
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