Delhi Today: LG और CM के बीच तनाव बरकरार, नए साल पर जानिए क्या है दिल्ली की राजनीति का हाल
Delhi Today: नए साल के पहले दिन की शुरूआत राजधानी में धुंध भरी रही। शहर में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। इस मौसमी स्थिति के कारण दृश्यता कम हो गई और सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सुबह के समय तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता भी खराब हो गई है और यह 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। राजधानी में प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर के बीच सुबह 8 बजे, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 278 दर्ज किया गया।

सीएम आतिशी ने शुरू की 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना'
मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने करोल बाग स्थित गुरुद्वारा साहिब में 'पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना' के लिए पंजीकरण शुरू किया। उन्होंने धार्मिक समिति द्वारा कई धार्मिक संरचनाओं को गिराने के आदेश के बारे में उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर चिंताओं का समाधान भी किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होने हैं।
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LG और CM के बीच तनाव बरकरार
मुख्यमंत्री आतिशी ने एक पैनल पर "उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर" कई हिंदू और बौद्ध धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने का आदेश जारी करने का आरोप लगाया। हालांकि, एलजी कार्यालय ने इस दावे का खंडन करते हुए इसे "सस्ती राजनीति" करार दिया।
LG ने सभी आरोपों का किया खंडन
एलजी सचिवालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक स्थल को ध्वस्त नहीं किया जा रहा है और न ही उसे इससे संबंधित कोई फाइल मिली है। एलजी सक्सेना को लिखे अपने पत्र में मुख्यमंत्री आतिशी ने 22 नवंबर को 'धार्मिक समिति' की बैठक के बारे में जानकारी दिए जाने का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए थे।
वक्त के साथ बदला चुनावी परिदृश्य
दिल्ली में राजनीतिक परिदृश्य समय के साथ काफी बदल गया है। पहले महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर हावी रहने वाला यह परिदृश्य अब हिंदुत्व पर केंद्रित है। प्याज की बढ़ती कीमतों और महंगाई के कारण भाजपा सत्ता से बाहर हो गई, जिसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई। हालांकि, 15 साल बाद भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई।
प्याज के दाम पर गिरी थी सरकार
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने कल्याणकारी नीतियों और मुफ्त योजनाओं के साथ प्रमुखता हासिल की। एक दशक तक आप दिल्ली में सत्ता में रही। अब हिंदुत्व दिल्ली की राजनीति में केंद्रीय भूमिका में आ गया है। भाजपा रोहिंग्या बस्तियों को लेकर केजरीवाल पर निशाना साध रही है और उनकी सरकार पर अवैध प्रवासियों को पनाह देने का आरोप लगा रही है।
'हिंदुत्व' बना दिल्ली में चुनावी मुद्दा
केजरीवाल इन आरोपों का जवाब भगवान राम और हनुमान के प्रति अपनी भक्ति को दिखा कर के दे रहे हैं। वे हिंदू धार्मिक नेताओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हैं और पुजारियों और ग्रंथियों (सिख धार्मिक नेताओं) के लिए कल्याणकारी योजनाएं पेश कर रहे हैं।
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दिल्ली में राजनीतिक गतिशीलता निरंतर विकसित हो रही है और नई चुनौतियां और रणनीतियां इसके भविष्य की दिशा तय कर रही हैं।












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