Delhi Flood: दिल्ली में यमुना ने क्यों धरा विकराल रूप? क्या है राजधानी में बाढ़ का कारण?
Delhi Flood: दिल्ली में यमुना ने रौद्र रूप धरा हुआ है, राजधानी के निचले इलाकों में पानी भर जाने की वजह से इस इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति नियंत्रण में है और हम सुरक्षा के हर पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं।

तो वहीं सीएम केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि 'वो कठिन हालात में एक-दूसरे का सहयोग करें। उन्होंने निचले इलाकों के सभी सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।'
यमुना नदी का जलस्तर 208.46 मीटर पहुंचा
आपको बता दें कि आज सुबह 7 बजे यमुना नदी का जलस्तर 208.46 मीटर पहुंच गया है। दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर जाने की वजह से लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम भी देखने को मिल रहा है।
क्या है राजधानी में बाढ़ का कारण?
अब सवाल ये उठता है कि देश की राजधानी दिल्ली, जहां की सड़कें काफी चौड़ी हैं, वहां पर बाढ़ जैसी स्थिति क्यों पैदा हो गई है?
हथिनी कुंड बैराज है बाढ़ का कारण
इस बारे में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री आतिशी ने कहा कि 'हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं, उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि राजधानी में यमुना का लेवल इतना बढ़ा है। 1978 में जब दिल्ली में बाढ़ आई थी उससे करीब 1.5 मीटर ज्यादा पानी इस बार आया है, फिलहाल हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों की सुरक्षा है और प्रशासन पूरी तरहे उसमें जुटा हुआ है।'
अतिक्रमण और गाद है बाढ़ का कारण
तो वहीं दूसरी ओर एक्सपर्ट ने कहा कि 'दिल्ली में बाढ़ की मुख्य वजह अतिक्रमण और गाद है। South Asia Network on Dams ( SANDRP) के सहायक समन्यवक भीम सिंह रावत ने कहा कि 'यमुना के तल पर जम रही गाद बाढ़ की मुख्य वजह है, यमुना के तल की नियमित रूप से सफाई ना हो पाने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है इसलिए बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं। '
'यमुना के तल की नहीं होती है सफाई'
उन्होंने कहा कि 'ये पहली बार तो है नहीं कि हथिनी कुंड से पानी छोड़ा गया है लेकिन अब हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को पिछले वर्षों की तुलना में दिल्ली तक पहुंचने में कम समय लगता है , जिसका कारण गाद ही है, पहले, पानी प्रवाह के लिए अधिक जगह थी। अब, यह एक संकुचित क्रॉस-सेक्शन के तहत गुजरता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है।'
'अब दिल्ली तक जल्दी पहुंच जाता है पानी '
मालूम हो कि 'दिल्ली से करीब 180 किलोमीटर दूर हरियाणा के यमुनानगर में बैराज से पानी को दिल्ली तक पहुंचने में पहले दो-तीन दिन लगते हैं लेकिन अब ये जल्दी यमुना पहुंच जाता है।'
'अब निकासी नाले कम पड़ने लगे हैं'
वैसे इससे पहले कुछ एक्सपर्ट ने कहा था कि 'दिल्ली की जनसंख्या के हिसाब से अब निकासी नाले कम पड़ने लगे हैं। दिल्ली अभी भी ओल्ड वर्जन पर ही काम कर रहा है और इसी वजह से दिल्ली की सड़कें जरा सी बारिश में लबालब हो जाती हैं।'












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