Delhi pollution: दिल्ली में आज से लागू हुआ No PUC No Fuel नियम क्या है? 580 पुलिसकर्मियों की रहेगी कड़ी नजर
Delhi pollution: दिल्ली-एनसीआर में गंभीर होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली सरकार और एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (CAQM) ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि सर्दियों के मौसम में राजधानी की हवा बेहद जहरीली स्तर तक पहुंच जाती है, जिससे आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ता है।
गुरुवार से दिल्ली में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम प्रभावी हो गया है। जिसका मतलब है वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। सभी पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे ईंधन देने से पहले PUC सर्टिफिकेट की जांच करें।

580 पुलिसकर्मी करेंगे वाहनों की जांच
सख्त कार्रवाई के लिए दिल्ली में 580 पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। राजधानी में 126 चेक प्वाइंट्स बनाए गए हैं और 37 'प्रखर' वैन लगातार निगरानी करेंगी। परिवहन विभाग के अधिकारी सीधे पेट्रोल पंपों पर तैनात रहेंगे।
BS-VI से कम वाहनों की एंट्री पर रोक
GRAP स्टेज-IV ('गंभीर+') लागू होने के साथ ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की राजधानी में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट से भी मिली सख्ती की मंजूरी
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में BS-IV मानकों से नीचे के पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुमति दे दी। दिल्ली सरकार ने पहले ही BS-III और उससे पुराने वाहनों को प्रदूषण का बड़ा कारण बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की थी।
PUC जांच के लिए हाईटेक व्यवस्था
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए फिजिकल PUC सर्टिफिकेट के साथ-साथ ANPR कैमरे, वाहन डेटाबेस, वॉयस अलर्ट सिस्टम और पुलिस की मदद ली जाएगी। बिना PUC पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है।
निर्माण सामग्री लाने वाले वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध
प्रदूषण में निर्माण गतिविधियों की बड़ी भूमिका को देखते हुए रेत, गिट्टी, पत्थर, ईंट, सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और मलबा ढोने वाले किसी भी वाहन की दिल्ली में एंट्री पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर वाहन जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
IIT कानपुर रिपोर्ट से बढ़ी सरकार की चिंता
IIT कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों में दिल्ली के PM10 प्रदूषण में वाहनों का योगदान 19.7% और PM2.5 में 25.1% तक होता है। इसी आधार पर सरकार ने वाहनों और निर्माण गतिविधियों को सीधे निशाने पर लिया है।
ट्रैफिक जाम से निपटने की भी तैयारी
सख्ती के चलते संभावित ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सरकार ने 100 ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स चिन्हित किए हैं। गूगल मैप की मदद से ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने और जाम कम करने की रणनीति बनाई गई है।
GRAP स्टेज-IV हटने तक नियम लागू
CAQM ने स्पष्ट किया है कि ये सभी निर्देश GRAP स्टेज-IV के प्रभावी रहने तक लागू रहेंगे। भविष्य में अगर यह स्टेज दोबारा लागू होता है तो कोई नया आदेश जारी नहीं होगा, बल्कि नियम स्वतः प्रभावी हो जाएंगे।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
सरकार ने साफ कहा है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 समेत अन्य कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इन कदमों से दिल्ली की हवा को राहत मिलेगी और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।












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