Delhi New CM: दलित को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका सकती है BJP! इन 5 वजहों से बवाना MLA की चमक सकती है किस्मत
Delhi New CM: दिल्ली बीजेपी में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री पदों पर बिठाए जाने वाले विधायकों (MLA) के नामों को लेकर कयासबाजियों का दौर लगातार जारी है। पार्टी स्तर पर बैठकें हो रही हैं। इसी कड़ी में अब एक अटकलबाजी यह शुरू हुई है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार किसी दलित (अनुसूचित जाति-SC) विधायक (MLA) को मुख्यमंत्री बना सकती है।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 12 सीटें दलित (SC) समुदाय के लिए रिजर्व हैं। इनमें से बीजेपी ने इस बार 4 सीटें आम आदमी पार्टी (AAP) से छीन ली हैं। 8 सीटों पर अभी भी 'आप' का कब्जा बरकरार रह गया है। दिल्ली की जिन चार रिजर्व सीटों पर बीजेपी का कब्जा हुआ है,वे हैं- बवाना, मादीपुर,मंगोलपुरी और त्रिलोकपुरी।

Delhi New CM: दलित को मुख्यमंत्री बनाकर चौंका सकती है BJP!
इनमें से बीजेपी के अंदर जिस एमएलए के सीएम बनाए जाने को लेकर चर्चा चलने की जानकारी पार्टी सूत्रों से मिल रही है, वे हैं बवाना के नव-निर्वाचित भाजपा विधायक रविंद्र इंद्रराज सिंह। इन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओं के पीछे 5 मुख्य वजह हैं-
Delhi New CM News: पूरे देश के दलितों में बड़ा संदेश
केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी ने राम नाथ कोविंद के राष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी जगह आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर बिठाया है। कोविंद यूपी के दलित समाज से आते हैं। अभी जितने भी बीजेपी शासित राज्य हैं, उनमें से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी आदिवासी नेता मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान हैं।
ऐसे में संभावना है कि दिल्ली में एक दलित विधायक को मुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी पूरे देश में एक बड़ा संदेश दे सकती है। खासकर जिस तरह से विपक्षी इंडिया ब्लॉक उसे डॉ बीआर अंबेडकर के मुद्दे पर घेरने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
Delhi CM Candidate:रविंद्र इंद्रराज सिंह की साफ-सुथरी छवि
बवाना से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले रविंद्र इंद्रराज सिंह बहुत ही साफ सुथरी छवि वाले नेता माने जाते हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनपर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है और वे एक शिक्षित युवा हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि राजनीति में उनकी बेदाग छवि उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
Delhi New CM: आएसएस (RSS) वाला बैकग्राउंड
भाजपा के एक सूत्र के मुताबिक रविंद्र इंद्रराज सिंह के पिता इंद्रराज सिंह का भी बैकग्राउंड संघ (RSS) से जुड़ा रहा है और वे दिल्ली में भाजपा के संस्थापकों में शामिल रहे हैं। इस तरह से उनके पास बीजेपी संगठन का भी अच्छा अनुभव है। ये भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा (SCM) के नेशनल एग्जिक्यूटिव मेंबर भी हैं।
Delhi CM Candidate: बवाना सीट पर बीजेपी की बड़ी जीत
बवाना विधानसभा सीट पर रविंद्र इंद्रराज सिंह ने इस बार आम आदमी पार्टी (आप) के जय भगवान उपकार को 31,475 वोटों से हराया है। इस तरह से लगता है कि वो सिर्फ दलितों के बीच ही नहीं, बल्कि सामान्य वर्ग और पूर्वांचलियों के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। भाजपा इनके माध्यम से पूर्वांचल में भी एक संदेश दे सकती है।
Delhi New CM: युवा चेहरा बीजेपी की भविष्य की राजनीति के लिए भी फायदेमंद
मूल रूप से दिल्ली के ही रहने वाले रविंद्र इंद्रराज सिंह सिर्फ 50 साल के हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर चुके रविंद्र युवा हैं और अगर बीजेपी इन्हें मुख्यमंत्री बनाती है तो पार्टी की भविष्य की राजनीति के लिए भी एक बड़ा दलित चेहरा विकसित हो सकता है।












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