दिल्ली में बनने जा रहा नया कारोबारिक सुपर जोन! LG का बड़ा ऐलान, द्वारका-रोहिणी-नरेला की बदलेगी तस्वीर

दिल्ली के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी के द्वारका, रोहिणी और नरेला इलाके आने वाले समय में बड़े कारोबारिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित किए जा सकते हैं। इस दिशा में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने विकास प्राधिकरण अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।

योजना के तहत इन इलाकों में बड़े कारोबारी दफ्तर, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े केंद्र, डिजिटल ढांचा और वैश्विक कंपनियों के कार्यालय विकसित करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे दिल्ली में निवेश और रोजगार दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं।

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🔷द्वारका को मिलेगा नया कारोबारिक दर्जा (Dwarka Development Plan)

द्वारका को राजधानी का नया आर्थिक केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक यहां पहले से बेहतर सड़क संपर्क, तेज रफ्तार मेट्रो नेटवर्क और बड़े रिहायशी क्षेत्रों का विकास हो रहा है।

इसके अलावा यशोभूमि और प्रस्तावित राजनयिक क्षेत्र भी द्वारका की अहमियत बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि प्रशासन अब इस इलाके को बड़े कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहा है। हाल ही में LG टीएस संधु ने द्वारका उपनगर का दौरा भी किया था। इस दौरान कई अहम परियोजनाओं की समीक्षा की गई और विकास प्राधिकरण को नई संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए।

🔷रोहिणी और नरेला पर भी बड़ा फोकस (Rohini And Narela Expansion)

सिर्फ द्वारका ही नहीं, बल्कि रोहिणी और नरेला को भी बड़े निवेश क्षेत्रों के रूप में तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में तेजी से नए आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। बेहतर सड़क परियोजनाओं और सार्वजनिक परिवहन की वजह से यहां लोगों की आवाजाही भी आसान हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब इन क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक और तकनीकी ढांचे की संभावनाएं तलाश रहा है।

🔷बड़े भंडारण केंद्र और तकनीकी इकाइयों की तैयारी (Industrial And Storage Hub)

अधिकारियों के मुताबिक नई सड़क परियोजनाओं और हवाई अड्डे से बेहतर संपर्क की वजह से इन इलाकों में बड़े भंडारण केंद्र, तकनीकी निर्माण इकाइयां और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठान स्थापित किए जा सकते हैं। इसके अलावा नए शिक्षा केंद्र और रिहायशी परियोजनाएं भी इन क्षेत्रों को भविष्य के बड़े आर्थिक गलियारों में बदल सकती हैं। प्रशासन का मानना है कि अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो दिल्ली के बाहरी इलाके आने वाले वर्षों में कारोबार और निवेश के बड़े केंद्र बन सकते हैं।

🔷सभी विभागों को साथ लेकर बनेगी योजना

उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी विभाग मिलकर जल्द विस्तृत योजना तैयार करें। सरकार का उद्देश्य सिर्फ भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा संतुलित विकास मॉडल तैयार करना है जिससे रोजगार, कारोबार और बुनियादी सुविधाएं एक साथ मजबूत हों।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली के पारंपरिक कारोबारी इलाकों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए आर्थिक क्षेत्रों का विकास जरूरी हो गया है। ऐसे में द्वारका, रोहिणी और नरेला आने वाले समय में राजधानी की नई पहचान बन सकते हैं।

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