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2026 तक खत्म होंगे दिल्ली के कचरे के पहाड़? ओखला-भलस्वा को लेकर CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, जानिए पूरा प्लान

Delhi News: दिल्ली के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने कचरे के पहाड़ों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा और साफ संदेश दिया है। उनका कहना है कि 2026 के अंत तक ओखला और भलस्वा के लैंडफिल साइट पर जमा पुराना कचरा पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार सिर्फ वादे नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर तेज़ी से काम कर रही है ताकि दिल्ली को कचरे, प्रदूषण और अव्यवस्था से राहत मिल सके।

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ओखला और भलस्वा के कचरे के पहाड़ कब होंगे इतिहास?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बायो-माइनिंग की क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है। पहले जहां रोज़ाना सिर्फ 5,000 मीट्रिक टन कचरे का निपटान होता था, अब यह आंकड़ा 30,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच चुका है। दिन-रात शिफ्ट में काम चल रहा है।

उनका कहना है कि इसी रफ्तार से काम जारी रहा तो 2026 तक ओखला और भलस्वा के कचरे के पहाड़ खत्म हो जाएंगे। हालांकि, गाजीपुर लैंडफिल को पूरी तरह साफ करने में करीब दो साल और लग सकते हैं।

पिछली सरकारों पर क्यों बरसीं रेखा गुप्ता?

मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 11 साल सत्ता में रहने के बावजूद कचरा प्रबंधन पर गंभीर काम नहीं हुआ। कचरा जमा होता रहा और पहाड़ बनते चले गए। उन्होंने कहा कि अगर पहले बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक तरीके से कचरा निपटान पर काम होता, तो हालात इतने खराब नहीं होते। अब सरकार न सिर्फ पुराने कचरे को अलग कर रही है, बल्कि RDF और इनर्ट वेस्ट का सही इस्तेमाल भी सुनिश्चित कर रही है।

गोबर से गैस तक, क्या है नई रणनीति? (Biogas Plant & Cow Dung Management)

रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर में रोज़ हजारों टन गोबर निकलता है, जो पहले नालों और यमुना में चला जाता था। उनकी सरकार अब 1500 टन गोबर के प्रोसेसिंग प्लांट पर काम कर रही है, जिससे बायोगैस बनेगी और प्रदूषण भी कम होगा। उनका कहना है कि यह काम पहले भी किया जा सकता था, लेकिन कभी गंभीरता नहीं दिखाई गई।

प्रदूषण से निपटने का फुलप्रूफ प्लान क्या है? (Air Pollution Control Plan)

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दिल्ली का प्रदूषण कोई एक दिन की समस्या नहीं, बल्कि सालों की लापरवाही का नतीजा है। सिर्फ एंटी-स्मॉग गन या पानी के छिड़काव से समाधान नहीं निकलेगा। इसके लिए धूल, हवा और पानी तीनों पर एक साथ काम करना होगा। सरकार अब अल्पकालिक उपायों की जगह लॉन्ग टर्म और स्ट्रक्चरल सुधारों पर फोकस कर रही है।

यमुना और हवा दोनों को कैसे मिलेगी राहत? (Yamuna Pollution & Air Quality)

रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की गंदगी और हवा का ज़हर दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। कचरा प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट और गोबर प्रोसेसिंग जैसे कदमों से ही स्थायी समाधान निकलेगा। उनका दावा है कि अब इन मुद्दों पर समग्र दृष्टिकोण से काम हो रहा है।

दिल्ली की बसें होंगी पूरी तरह इलेक्ट्रिक? (Electric Public Transport Plan)

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह जीरो एमिशन बनाना है। फिलहाल शहर में करीब 3,600 बसें हैं। सत्ता में आने के बाद सरकार ने 1,700 नई बसें जोड़ी हैं। दिसंबर 2026 तक बसों की संख्या 7,700 और 2028 तक 11,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेखा गुप्ता का दावा है कि कचरे के पहाड़, प्रदूषण और अव्यवस्था दिल्ली की पहचान नहीं रहेंगे। अगर योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में राजधानी की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं।

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