दिल्ली सरकार के विशेष सचिव को कार्यबहाली, भ्रष्टाचार के आरोप में 7 दिन पहले हटाया गया था
15 मई से राजशेखर को भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिल्ली सरकार द्वारा उनको हटा दिया गया था। यह आदेश सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज द्वारा दिया गया था। 7 दिन बाद वापस राजशेखर को कार्यबहाली मिली है।

दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (सतर्कता) वाईवीवीजे राजशेखर को सोमवार को आखिरकार कार्यबहाली मिल गई है। इसका ऐलान दिल्ली सतर्कता निदेशालय ने घोषणा की है। दरअसल, 7 दिन पहले यानी 15 मई से राजशेखर को भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिल्ली सरकार द्वारा उनको हटा दिया गया था। उनपर आरोप था कि संवेदनशील फाइलों से छेड़छाड़ करके कार्यालय में सेंध लगाई गई थी। सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज के आदेश पर राजशेखर को उनके पद से हटाया गया था।
निदेशालय ने केंद्र द्वारा प्रख्यापित एक अध्यादेश का हवाला दिया, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (GNCTD) अधिनियम, 1991 में नए प्रावधानों का एक बंडल पेश करता है, जिसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रभावी ढंग से रद्द कर दिया, जिसने राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाहों को नियंत्रित करने के अधिकार को स्थानांतरित कर दिया। केंद्र सरकार द्वारा बाद में विधेयक के रूप में संसद में अध्यादेश पेश करने की उम्मीद है।
सहायक निदेशक (कार्यवाहक) द्वारा हस्ताक्षरित निदेशालय के आदेश में यह भी कहा गया है कि राजशेखर के कार्यालय को डी-सील कर दिया जाएगा और कार्य प्रवाह की स्थिति 10 मई को स्थिति के अनुसार बनाए रखी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली सरकार के फैसले से एक दिन पहले इसके दायरे में आने वाले विभागों को सौंपे गए नौकरशाहों पर नियंत्रण रखता है।
भ्रष्टाचार, जालसाजी के आरोप
मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि दिल्ली के एक एनजीओ ने राजशेखर पर 'भ्रष्टाचार, जालसाजी और उत्पीड़न' के साथ-साथ 'लोगों को धमकाने' का आरोप लगाया था। हालांकि, एनजीओ, अभिनव समाज ने बाद में ऐसा कोई भी दस्तावेज जारी करने से इनकार किया, जिससे अधिकारी को केंद्र को लिखने और अपनी बेगुनाही का दावा करने के लिए प्रेरित किया।












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