OPINION: दिल्ली सरकार की वर्षा जल संचयन योजना, भूजल स्तर को बढ़ाने में बेहद अहम
दिल्ली में भूजल स्तर को बढ़ाने और वर्षा जल के संचयन के लिए केजरीवाल सरकार ने राज्य में अनोखा प्रयोग किया। जिसके तहत सरकार ने एक नया रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल (Rainwater Harvesting Systems) को दिल्ली में लागू करने का प्रस्ताव किया। ये सिस्टम आमतौर पर उन क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है, जहां भूजल स्तर काफी नीचे होता है। हालांकि ये मॉडल काफी किफायती है। इसे 'इनलाइन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' के नाम से जाना जाता है। वाटर हॉर्वेस्टिंग के इस मॉडल वर्षा जल का कुशलतापूर्वक संचयन करके जल स्तर को नियमित बनाया जा ,का सकता है।
दिल्ली सरकार ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के बिना घरों के निर्माण पर पांच रुपए प्रति लीटर के हिसाब से जुर्माना वसूलने का सुझावा दिया है। केजरीवाल सरकार ने तय किया है कि गैर-आवासीय इकाइयों के लिए जुर्माना 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, सरकार ने ये निर्णय वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए उद्देश्य से लिया है।

दिल्ली सरकार ने वर्षा जल संचयन सिस्टम ना अपनाने वाले 100 वर्ग मीटर क्षेत्र वाले संपत्ति मालिकों पर ₹5 लाख तक का पर्यावरणीय मुआवजा लगाने का प्रस्ताव दिया है। सरकार ने 2012 में वर्षा जल संचयन प्रणालियों को अनिवार्य कर दिया है। केजरीवाल सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। नियमों का पालन ना करने पर पानी के बिल की राशि का डेढ़ गुना जुर्माना लगाया जाता है।
दिल्ली सरकार ने 2012 में वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच) प्रणालियों को अनिवार्य बना दिया था और इसका अनुपालन न करने पर पानी के बिल की राशि का डेढ़ गुना जुर्माना लगाया जाता है। एनजीटी को सौंपी गई एक रिपोर्ट में दिल्ली सरकार ने बताया था कि राज्य में वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम घरों के साथ होना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार के निर्देशों पालन ना होने पर गैर-आवासीय इकाइयों के लिए जुर्माना 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
राजस्थान मॉडल से दिल्ली में वाटर हार्वेस्टिंग
दिल्ली में बारिश के पानी के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार वित्तीय सहायता भी देती है। दिल्ली में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया को और सरल बना दिया गया है। दिल्ली सरकार ने रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वालों को 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का ऐलान भी किया था। जिन घरो में वर्षा जल संचयन सिस्टम सही तरीके काम करता है, उन्हें पानी के बिल में 10 प्रतिशत छूट भी देने की व्यवस्था की गई।












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