Delhi Election 2025: केजरीवाल की नई दिल्ली सीट पर क्यों नाराज है वाल्मीकि समाज? AAP को यहीं मिली थी 'झाड़ू'
Delhi Election 2025: 2011 के अन्ना आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी (AAP) बनाई थी, तो उन्होंने इसके चुनाव चिन्ह 'झाड़ू'लॉन्च करने के लिए नई दिल्ली विधानसभा सीट के वाल्मीकि कॉम्पलेक्स को ही चुना था। लेकिन, अब वही वाल्मीकि समाज के लोग इस चुनाव में उनका विरोध करते नजर आ रहे हैं।
नई दिल्ली सीट पर इस बार केजरीवाल का मुकाबला भाजपा के पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित से हो रहा है। कांग्रेस ने दिल्ली की 70 सीटों में से अगर सबसे ज्यादा कहीं जोर लगा रखा है तो यही नई दिल्ली सीट ही है। ऐसे में कभी आम आदमी पार्टी के कोर वोटर रहे वाल्मीकि समाज (दलित) की नाराजगी मतदान के दिन तक बरकरार रही तो आप संयोजक की चुनौतियां और भी बढ़ सकती हैं।

Delhi Election 2025: वाल्मीकि समाज और दलित महापंचायत की ओर से केजरीवाल के विरोध के मायने?
रविवार (2 फरवरी, 2025) को वाल्मीकि समाज और दलित महापंचायत ने आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के पास आप की एक प्रचार वैन को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। हालांकि, केजरीवाल और उनकी पार्टी ने इन सबके लिए बीजेपी पर निशाना साधा लेकिन, वाल्मीकि समाज के नेताओं ने खुल्लम-खुल्ला केजरीवाल से नाराजगी जाहिर की।
न्यूज एजेंसी एएनआई से वाल्मीकि समाज के एक नेता आशु पोहल ने कहा, 'हमारे समाज को लूटा गया है...पैसे देने की बात कहकर हमारी बहनों और बेटियों से झूठा वादा किया गया। हम उन लोगों का समर्थन नहीं करेंगे, जो हमारे समाज का समर्थन नहीं करते। हम उनका बहिष्कार करेंगे। पूरा देश जानता है कि वह (अरविंद केजरीवाल) एक फर्जी सीएम रहे हैं...हम उन्हें नहीं बख्शेंगे क्योंकि उन्होंने हमारे दलित समाज को दुख पहुंचाया है...दिल्ली में प्रदूषण सिर्फ अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की वजह से बढ़ा है।'
यही नहीं वाल्मीकि समाज के इस नेता का दावा है कि दिल्ली शिक्षा विभाग वाल्मीकि समाज के 100 छात्रों को विदेश भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन यह भी पूरा नहीं किया गया।
Delhi Election 2025: वाल्मीकि बस्ती में ही केजरीवाल ने 'झाड़ू' को बनाया था आप का चुनाव निशान
3 अगस्त, 2013 की तारीख है, जब आप सुप्रीमो केजरीवाल ने नई दिल्ली के वाल्मीकि कॉम्पलेक्स में ही 'झाड़ू'लगाकर इसे अपनी पार्टी का आधिकारिक चुनाव निशान के रूप में लॉन्च किया था। तब केजरीवाल बोले थे कि 90 फीसदी सफाईकर्मी वाल्मीकि समाज से ही होते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि 'हमने उन्हें (वाल्मीकि समाज)भरोसा दिया है कि हमारी पार्टी उनके साथ है।'
उन्होंने यह भी कहा था कि 'हम अपनी यात्रा इसी पवित्र स्थान से शुरू कर रहे हैं और मुझे भरोसा है कि इस झाड़ू से हम समाज को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे। इसके साथ ही देश और राजनीति की सफाई शुरू हो चुकी है।'
Delhi Election 2025: वाल्मीकि बस्ती में युवाओं की नौकरियों की कमी एक बड़ा मुद्दा
एनडीएमसी के ज्यादातर सफाईकर्मी आज भी वाल्मीकि समाज से ही आते हैं। इन्होंने अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर होनहार बनाने की कोशिश तो की है, लेकिन नौकरियां नहीं मिल पाने की निराशा भी यहां की झुग्गी-झोपड़ियों और दलित बस्तियों में आम भावना बनी हुई है। केजरीवाल दिल्ली के तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं, इस वजह से भी दलितों के एक वर्ग में उनको लेकर इस बार मायूसी पैदा हुई है।
Delhi Election 2025: बीजेपी प्रत्याशी ने तालकटोरा स्टेडियम का नाम 'भगवान महर्षि वाल्मीकि'रखन का किया वादा
केजरीवाल के खिलाफ वाल्मीकि समाज की नाराजगी को भांपते हुए भाजपा प्रत्याशी प्रवेश वर्मा ने भी मौके पर चौका मारने की कोशिश की है। उन्होंने सोमवार को वादा किया है कि 8 फरवरी के बाद तालकटोरा स्टेडियम का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा,'आज मैं घोषणा कहता हूं कि जब 8 फरवरी (मतगणना की तारीख) के बाद एनडीएमसी (NDMC) की बैठक होगी,तो इस स्टेडियम को 'भगवान महर्षि वाल्मीकि' रखने का प्रस्ताव रखा और पास किया जाएगा। '
Delhi Election 2025: नई दिल्ली सीट पर मतदाता घटने से केजरीवाल की बढ़ी चुनौती
नई दिल्ली सीट पर इस बार 1.9 लाख वोटर हैं, जिनमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर बड़ी संख्या में वाल्मीकि बस्ती और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले दलित मतदाता भी शामिल हैं। लेकिन, पिछली बार से तुलना करें तो इस सीट पर 36,800 या 25.3% वोटर घट गए हैं और यह बात केजरीवाल की चौथी जीत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।












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