कांग्रेस को विपक्षी गठबंधन 'INDIA' से क्यों बाहर करना चाहते हैं अरविंद केजरीवाल? आखिर किस बात का है डर?
Congress vs AAP In Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले अखिल भारतीय कांग्रेस के ट्रेजरार अजय माकन के बयान ने राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है. माकन ने स्वीकार किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ गठबंधन कांग्रेस के लिए एक बड़ी भूल साबित हुई है. कांग्रेस नेता ने ये बातें आप और बीजेपी के खिलाफ चार्जशीट और श्वेत पत्र जारी करने के दौरान कहां हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता को करारा झटका देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि अगर कांग्रेस अपने दिल्ली के नेता अजय माकन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो इंडिया ब्लॉक (INDIA bloc) में शामिल दलों से कांग्रेस को हटाने के लिए कहेगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज गुरुवार (26 दिसंबर) कांग्रेस पर फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मदद करने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने कहा, ''कांग्रेस यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है कि चुनाव में भाजपा को फायदा हो।''
संजय सिंह बोले- अजय माकन भाजपा की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं
संजय सिंह ने आगे कहा, ''अजय माकन भाजपा की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं, भाजपा के इशारे पर बयान देते हैं और भाजपा के निर्देश पर आप नेताओं को निशाना बनाते हैं। और कल उन्होंने सारी हदें पार करते हुए हमारे नेता अरविंद केजरीवाल को देशद्रोही कह दिया। कांग्रेस या अजय माकन ने कभी भी दिल्ली में किसी भाजपा नेता को "देशद्रोही" नहीं कहा है।'' असल में अजय माकन ने बुधवार 25 दिसंबर को कहा कि आप (AAP) से गठबंधन कांग्रेस की सबसे बड़ी भूल है।
संजय सिंह ने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। उन्होंने चंडीगढ़ में भी कांग्रेस के लिए प्रचार किया। संसद में मुद्दों पर आप बार-बार कांग्रेस के साथ खड़ी रहती है। और आप हमारे नेता को देशद्रोही कह रहे हैं, युवा कांग्रेस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा रही है?"
इसके बाद संजय सिंह ने हरियाणा विधानसभा चुनावों का जिक्र किया और कहा कि आप ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की पूरी कोशिश की थी। लेकिन कांग्रेस ने असहमति जताई। इसलिए हमने चुनाव लड़ा लेकिन कांग्रेस या उसके नेताओं के लिए एक भी अनुचित शब्द नहीं कहा। हमें एक भी बयान दिखाइए।
भाजपा और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप के बीच ये सवाल उठता है कि आखिर आम आदमी पार्टी कांग्रेस को इंडिया ब्लॉक से बाहर क्यों करना चाहती है?
यह बड़ा टकराव दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ने के कुछ महीनों बाद हुआ है। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक-दूसरे के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। हालांकि, ये प्रयास बेकार हो गए क्योंकि भाजपा ने दिल्ली की सभी सात सीटों पर जीत हासिल कर ली।
क्यों कांग्रेस को INDIA ब्लॉक से बाहर करना चाहते हैं केजरीवाल?
🔴 कांग्रेस की बदली रणनीति: 11 दिसंबर को अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके घोषणा की कि उनकी आम आदमी पार्टी (आप) कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेगी, जिसके बाद कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति में एक नई दिशा ले ली है। यह बदलाव ऐसे परिदृश्य में हुआ है, जहां पहले दिल्ली में मुकाबला आप और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच देखा जा रहा था। अब कांग्रेस पार्टी दिल्ली की राजनीति में फिर से अपनी जगह के लिए कदम उठा रही है।
🔴 कांग्रेस का भाजपा की जगह AAP को टारगेट करना: दिल्ली चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को टारगेट करने की जगह आप और अरविंद केजरीवाल को निशाना बना रही है। कांग्रेस ने आप पर आरोप लगाया है कि ये वोटरों को धोखा देने के लिए योजनाओं का वादा करते हैं। आप कांग्रेस के इस बदले हुए तेवर से हैरान है।
🔴 इसके अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय माकन का ये कहना कि आप से गठबंधन करना एक बड़ी गलती थी। संदीप दीक्षित ने भी कहा है कि आप के साथ उन्हें नहीं जाना चाहिए था। कांग्रेस आप के साथ 2013 में किए अपने गठबंधन को रणनीतिक गलती मान रही है।
मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि आप भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दम पर सत्ता में आई, लेकिन दिल्ली में जनलोकपाल स्थापित करने में विफल रही। उन्होंने कहा, "अगर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक शब्द में वर्णित किया जाए तो वह फर्जीवाल होगा।" माकन ने कहा, "अगर पूरे देश में धोखाधड़ी का कोई राजा है तो वह केजरीवाल है और इसीलिए हम केजरीवाल सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर श्वेत पत्र लेकर आए हैं।" कांग्रेस के ऐसे बयान से अरविंद केजरीवाल की छवि धूमिल हो रही है।
🔴 मुस्लिम वोटों की शिफ्टिंग AAP को कर रही है सबसे ज्यादा परेशान: कांग्रेस के दिल्ली चुनाव में सक्रिय होने से आप से दलित और मुस्लिम वोटर खिसक सकते हैं। दिल्ली में दलित और मुस्लिम वोटरों की संख्या लगभग 30 फीसदी है। इनका प्रभाव दिल्ली के 12 SC आरक्षित सीटों पर है, जिनपर पिछले 10 सालों में आप जीत रही है। अब कांग्रेस के आने से आप को डर है कि ये वोटर उनकी ओर मुड़ सकते है।












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