'अनिल मसीह तो सिर्फ प्यादा, मास्टरमाइंड को भी मिले सजा', चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर BJP पर बरसे केजरीवाल
चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Election 2024) में आठ मतों को इनवैलिड करने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह का नाम चर्चा में है। इस बीच सीएम केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) ने चुनाव में गड़बड़ी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। दिल्ली के सीएम ने मामले में बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर बनाए गए अनिल मसीह तो सिर्फ प्यादा काम कर रहे थे, इसके पीछे किसी और का हाथ है। बीजेपी का नाम लिए बिना केजरीवाल ने दावा किया कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई सारी गड़बड़ी कैमरे में कैद हुई है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव को गड़बड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया दी। बुधवार (21 फरवरी) को उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में हर जगह अधर्म है। उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि चंडीगढ़ महापौर चुनाव में गड़बड़ी बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों को धमकी दी जा रही है।

सीएम केजरीवाल ने कहा, "हमारे देश में स्थिति ऐसी है कि हर जगह अधर्म है। जिसने लोगों के लिए स्कूल और अस्पताल बनाए, मनीष सिसौदिया और सत्येन्द्र जैन जेल में हैं। लोग दुखी हैं लेकिन उन्हें (भाजपा) भरोसा है।" 370 सीटें जीतेंगे। कैसे? जरूर कुछ गड़बड़ है, शायद ईवीएम ठीक हो गई है या कुछ और। इतना पाप है कि भगवान कृष्ण ने खुद हस्तक्षेप करने का फैसला किया है। यह कोई संयोग नहीं था कि चंडीगढ़ में उनके (BJP) पाप कैमरे में कैद हो गए मेयर चुनाव....जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, ऐसा लगता है कि भगवान सीजेआई के माध्यम से बोल रहे थे।"
चंडीगढ़ चुनाव में गड़बड़ी को लेकर सीएम केजरीवाल ने कहा कि आज लोगों में इस तरह की धारणा बन रही है कि वे ईवीएम के जरिए जिस पार्टी को मत देते हैं, वास्तविक रूप उस दल को मत नहीं मिलता है। सीएम ने कहा, "कुछ लोग वोट देने नहीं जाते क्योंकि उन्हें लगता है कि ईवीएम में कोई समस्या है लेकिन मैं उनसे अपील करना चाहता हूं कृपया मतदान के लिए जाएं, बाकी सभी चीजें भगवान देखेंगे...अनिल मसीह तो सिर्फ एक मोहरा था और उसे सजा दी गई है, लेकिन उसके आकाओं को सजा मिलनी चाहिए।"
चंडीगढ़ मेयर चुनावों में आठ मतपत्रों को इनवैलिड करने के आरोपों के बाद सुर्खियों में आए रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अनिल मसीह आठ मतपत्रों को इनवैलिड किए जाने का कारण नहीं बता पाए। ऐसे में अदालत ने उनके द्वारा इनवैलिड किए गए 8 वोटों को जहां वैध माना है। इसके साथ ही अदालत ने उनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत एक्शन लेने का निर्देश दिया है।












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