Delhi Chunav 2025: इस बार के चुनाव में कांग्रेस की 3 सबसे बड़ी ताकत क्या है, जो AAP के लिए है खतरा?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली में 1993 से विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। पहली बार बीजेपी जीती और फिर 1998 में कांग्रेस आई तो 2008 तक लगातार तीन बार उसकी सरकारें बनीं। 2013 में वह दिल्ली की सत्ता से ऐसे बेदखल हुई कि उसके बाद हुए दो चुनावों में पार्टी का खाता भी नहीं खुला और वोट शेयर भी इतना गिर गया, जहां और ज्यादा गिरने का मतलब है, यहां की सियासत से उसका ही मिट जाना।
लेकिन, 2025 का दिल्ली विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए नई उम्मीदों और जोश से भरा हुआ है। चुनाव तारीखों की घोषणा होने तक उसके पास कम से कम ऐसी तीन ताकत दिख रही है, जिससे उसका मनोबल बढ़ा हुआ लग रहा है। हालांकि, यह ऊर्जा और उत्साह वह कब तक बनाए रखती है, यह भी एक बड़ा सवाल है।

वैसे अभी हम कांग्रेस की जो तीन ताकत देख सकते हैं, वे हैं-
Delhi Chunav 2025: दिल्ली में कांग्रेस के पास आज खोने के लिए कुछ भी नहीं बचा है
2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस राजधानी में एक भी सीट नहीं जीत सकी और उसका वोट शेयर आखिरी चुनाव में गिरकर 4.26% के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। इस बार के चुनाव में कांग्रेस के लिए यही सबसे बड़ी ताकत है। इस बार वह जिस तरह से सक्रिय है, न्याय यात्रा के माध्यम से दिल्ली की सड़कें छानी हैं, इस वोट शेयर में जितना भी इजाफा होगा, वही उसकी बड़ी जीत होगी।
क्योंकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद कांग्रेस जिस उत्साह में थी, वह महाराष्ट्र और हरियाणा में ऐसा फीका पड़ा है कि उसे दिल्ली से किसी भी तरह ऐसे परिणाम की उम्मीद है, जो पार्टी के शीर्ष नेताओं को देश की राजनीति में कुछ कहने के लिए अवसर उपलब्ध करा दे।
पिछले विधानसभा चुनावों के दो साल बाद ही एमसीडी चुनावों में पार्टी का वोट शेयर बढ़कर 11.7% तक पहुंच गया था। कांग्रेस के लिए इस बार यह बहुत बड़ी ताकत है। 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी भले ही आप से गठबंधन के बाद भी एक भी सीट नहीं जीती, लेकिन जिन विधानसभा क्षेत्रों में उसे नुकसान होता नहीं दिखा है, वह अब विधानसभा चुनावों में उम्मीदों की बड़ी किरण है।
Delhi Chunav 2025: एंटी-बीजेपी और एंटी-आप वोटर का समर्थन
कांग्रेस की दूसरी सबसे बड़ी ताकत आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ 10 वर्षों की एंटी-इंकंबेंसी और उसके सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल की छवि को पहुंचा नुकसान है। आप सरकार और उसके बड़े नेताओं पर न सिर्फ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, बल्कि 10 वर्षों में उनकी लाइफ स्टाल में हुआ बदलाव भी बड़ा संकट साबित होने वाला है।
केजरीवाल ने दिल्ली की राजनीति वहां से शुरू की थी, जब वह कहते थे कि उन्हें बड़ा बंगला नहीं चाहिए। आज सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि उनके सरकारी बंगले की साज-सज्जा पर ही करोड़ों रुपए फूंक दिए गए हैं।
फ्री बिजली और पानी का फायदा उठाने वाले दिल्ली के सारे वोटर आप और उसके नेताओं में हुए इस बदलाव के प्रति उदासीन होंगे, ऐसा संभव नहीं है; और ऐसे वोटरों में शामिल बीजेपी-विरोधी मतदाताओं के लिए कांग्रेस सबसे बेहतर विकल्प है और यह उसकी बहुत बड़ी ताकत साबित होने जा रहे हैं।
यही नहीं, दिल्ली वालों को आए दिन जो परेशानियां झेलनी पड़ती हैं, चाहे गंदे सीवर हों,बारिश के दिनों में सड़कों पर जल भराव हो,टूटी सड़कें हों और हर साल प्रदूषण की जानलेवा समस्या हो या फिर यमुना के जहरीले पानी की बात हो, दिल्ली की बड़ी आबादी सिर्फ मुफ्त बिजली-पानी के चक्कर में इन सब परेशानियों से आंखें मूंद लेगी, इसकी संभावना नहीं है। कांग्रेस को ऐसे वोटरों का भी फायदा मिल सकता है।
Delhi Chunav 2025: मजबूत उम्मीदवारों को दे रही है मौका
दिल्ली में कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी से भी पहले अपने 49 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करके बता दिया कि इस बार के चुनाव को वह बहुत ही गंभीरता से ले रही है। जिस तरह से पार्टी ने अरविंद केजरीवाल, आतिशी और मनीष सिसोदिया के सामने अपने दिग्गजों को मौका दिया है, वह बीजेपी-विरोधी ऐसे वोटरों के लिए सीधा संदेश है कि कांग्रेस भी उनके लिए विकल्प है।
तारीखों की घोषणा से पहले उम्मीदवारों को उतारकर कांग्रेस ने प्रत्याशियों को यह मौका दिया है कि वह क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दिखाएं, वोटरों तक पहुंचें और पार्टी को लड़ाई में लाने की कोशिश करें।
क्योंकि, दिल्ली में कांग्रेस का संगठन कमजोर है, इसलिए उसके उम्मीदवार और उनकी अपनी लोकप्रियता ही पार्टी के लिए बड़ी ताकतहैं, जो भाजपा और आप विरोधी वोट को अपने साथ समेट सकते हैं और यह सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है।
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