Delhi Chunav 2025: दिल्ली की किन 52 सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही BJP,कहां 1993 के बाद कभी नहीं जीती?
Delhi Chunav 2025: 1993 में केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर जब से दिल्ली विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं, आमतौर पर यहां दो ही दलों का दबदबा रहा है। शुरू से लेकर 2008 तक कांग्रेस और बीजेपी का बोलबाला था, 2013 के बाद से आम आदमी पार्टी (AAP) ऐसी उभर कर निकली कि कांग्रेस का प्रभाव लगभग शून्य की ओर बढ़ता चला गया। लेकिन, तथ्य यह है कि सत्ता में रही हो या विपक्ष में राजधानी की राजनीति में बीजेपी की भूमिका हमेशा से ही महत्वपूर्ण रही है।
2013 के बाद ऐसा पहली बार दिख रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस, आप और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। बीजेपी की अपनी सत्ता के वनवास खत्म होने को लेकर उम्मीदें इसीलिए बढ़ी हुई हैं। क्योंकि, 1993 के बाद 2013 में ही बीजेपी दिल्ली विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

Delhi Chunav 2025: 1993 में भाजपा की सरकार बनने में राम मंदिर आंदोलन ने निभाई बड़ी भूमिका
1993 के चुनावों में दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने में अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन की बहुत बड़ी भूमिका रही थी। पार्टी 70 सीटों में से 49 पर जीती थी और उसे करीब 43% वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस पार्टी मात्र 14 सीटों पर जीती थी और उसका वोट शेयर लगभग 34% था। यह चुनाव विधानसभा में भाजपा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
अयोध्या में राम लला के भव्य मंदिर निर्माण के बाद दिल्ली में यह पहला विधानसभा चुनाव हो रहा है, इस वजह से भी भाजपा के लिए इस चुनाव की अहमियत बढ़ गई है।
Delhi Chunav 2025: 1993 के बाद किन सीटों पर फिर कभी नहीं जीती बीजेपी?
1993 के बाद दिल्ली में विधानसभा के 6 चुनाव हो चुके हैं, लेकिन बीजेपी कुछ सीटों पर दोबारा फिर कभी नहीं जीत सकी, जहां 1992 के राम मंदिर आंदोलन की वजह से उसे 'कमल' खिलाने का मौका मिला था।
इन सीटों में मॉडल टाउन, सदर बाजार, तिमारपुर, चांदनी चौक, पटेल नगर, मादीपुर, पटपड़गंज और सीमापुरी की सीटें शामिल हैं।
Delhi Chunav 2025: जिन सीटों पर 6 चुनाव हारी बीजेपी, वहां इस बार 'राम' भरोसे रहेगी भाजपा?
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के एक साल बाद दिल्ली में फिर से चुनाव करवाए जा रहे हैं, इसकी वजह से इन सीटों को लेकर भाजपा की उम्मीदें भी बढ़ी हुई हैं। हालांकि, परिसीमन की वजह से कुछ सीटों के आकार में तबसे लेकर अबतक बदलाव भी हो चुके हैं।
Delhi Chunav 2025: किन 52 सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है बीजेपी?
दिल्ली बीजेपी के एक नेता ने वनइंडिया को बताया है कि राजधानी की 70 विधानसभा सीटों में से कुल 52 ऐसी सीटें हैं, जहां पार्टी किसी न किसी चुनाव में जीत चुकी है। इस बार राजधानी में सत्ता के वनवास को मिटाने के लिए पार्टी का पूरा जोर उन्हीं 52 सीटों पर है।
Delhi Chunav 2025: किन परिस्थितियों में भाजपा जीत सकती है दिल्ली विधानसभा चुनाव?
दिल्ली चुनाव में भाजपा की उम्मीदों को पंख तभी लग सकते हैं, जब कांग्रेस राजधानी में एक दशक में विलुप्त हो चुकी अपनी सियासी ताकत का कुछ हिस्सा वापस पाने में सफल हो जाए।
अगर 2020 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को देखें तो उसे करीब 39% वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस मात्र 4% वोट पर सिमट गई थी। जबकि, 1993 में वही भाजपा 43% वोट लाकर वह सत्ता शिखर पर पहुंच चुकी है।
ऐसे में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ 10 वर्षों की एंटी-इंकंबेंसी और कुछ सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों में दिख रहे जोश में भाजपा की आस छिपी हो सकती है। दिल्ली विधानसभा का चुनाव 5 फरवरी को होना है और नतीजे 8 फरवरी को आने की संभावना है।












Click it and Unblock the Notifications