Delhi Chunav 2025: दिल्ली की 7 मुस्लिम-बहुल सीटों पर BJP के 'साइलेंट' कैंपेन का कैसा रहा असर?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पिछले 10 वर्षों में मुस्लिम बहुल सात विधानसभा सीटों पर अपना दबदबा कायम किया है। लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अल्पसंख्यक मोर्चा ने एक नई रणनीति के तहत इन इलाकों में गुप्त अभियान चलाया और इसका प्रभाव चुनाव के नतीजों में बड़ा उलटफेर कर सकता है। बीजेपी की कोशिश खासकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) से नाराज मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंचना था।
दिल्ली की में सात सीटें हैं, जिन्हें मुस्लिम-बहुल माना जाता है। ये हैं, मुस्तफाबाद, बाबरपुर, सीलमपुर, ओखला, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान। 2015 मुस्तफाबाद सीट बीजेपी जरूर जीत गई थी,लेकिन 2020 में आप इसे भी उससे छीन लिया। बाकी 6 सीटों पर तो पिछले एक दशक से आप का ही दबदबा रहा है।

Delhi Chunav 2025: मुस्लिम-बहुल सीटों के लिए बीजेपी ने अपनाई विशेष रणनीति
न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी चुनाव में दोतरफा रणनीति के साथ आगे बढ़ी। पहली रणनीति 'लाभार्थी योजना'थी, जिसमें उसने केंद्र सरकार की योजनाओं के मुस्लिम लाभार्थियों पर फोकस किया। दूसरी रणनीति, उन मतदाताओं (आप से नाराज) को किसी भी तीसरी पार्टी,जैसे कि कांग्रेस या ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)की ओर मोड़ने की रही।
बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60-70 छोटी बैठकें कीं। मोर्चा के कार्यकर्ता छोटे समूहों में मुस्लिम आबादी के बीच पहुंचे थे।
दिल्ली बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अनीस अब्बासी ने कहा, 'बल्लिमारान विधानसभा सीट के कुरैशीनगर मंडल में मैं था,जहां कई निवासियों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर मिले हैं। ये लोग करीब 20-25 परिवार हैं। मैं वहां गया और उनके साथ ड्राइंग रूम वाली बैठक की और बताया कि बीजेपी कैसे उनका जीवन बदल सकती है।'
Delhi Chunav 2025: पन्ना प्रमुख की विशेष भूमिका
बीजेपी ने मुसलमानों के इलाकों में 'पन्ना प्रमुख' को भी अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया। पन्ना प्रमुख वे होते हैं,जो वोटर लिस्ट के एक पन्ने पर दर्ज सभी वोटरों के संपर्क में होते हैं।
अनीस ने बताया, 'कुछ ऐसे बूथ हैं जो पूरी तरह से मुस्लिम बहुल हैं। मेरा मोर्चा वहां गया और पन्ना प्रमुखों के साथ मिला और बूथ अध्यक्षों के साथ कई बार बैठकें कीं। हम अच्छी तरह से तैयार हैं।'
Delhi Chunav 2025: AIMIM की मौजूदगी और स्थानीय समीकरण
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम (AIMIM) की मौजूदगी ने इस बार उत्तर-पूर्वी दिल्ली में चुनावी समीकरणों को और भी जटिल बना दिया है। आप के पूर्वनेता और दिल्ली दंगों के आरोपी और कथित मास्टरमाइंड ताहिर हुसैन एआईएमआईएम के टिकट पर मुस्तफाबाद से चुनाव मैदान में है। पार्टी दो सीटों पर चुनाव मैदान में है और दूसरी ओखला है। बीजेपी को मुस्लिम वोटों के लिए पैदा हुए इस नए समीकरण का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद थी।
Delhi Chunav 2025: मुस्लिम समुदाय का रुख
दिल्ली में मुस्लिम समुदाय के बीच आप और केजरीवाल को लेकर एक स्पष्ट असंतोष देखा गया। दिल्ली दंगों और उसके बाद की घटनाओं को लेकर आप के प्रति उनमें रोष देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय का एक वर्ग मानता है कि केजरीवाल बीजेपी की हिंदुत्व वाली नीतियों पर चल रहे हैं,जबकि कुछ इसे उनकी राजनीतिक मजबूरी मानते हैं। हालांकि,खुलकर भाजपा के समर्थन में आने से मुसलमान आखिरतक हिचकिचाते दिखे।
बीजेपी ने विकास कार्यों को मुस्लिम समुदाय तक पहुंचाने के लिए खास कोशिशें कीं हैं। उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री द्वारा रोहिणी में वितरित किए गए सब्सिडी वाले फ्लैटों के लाभार्थियों में एक मुस्लिम व्यक्ति राशिद साहब भी थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर को मुस्लिम बस्तियों में प्रचार के लिए भी इस्तेमाल किया,ताकि समुदाय को बीजेपी से बेरुखी को खत्म कर सकें।
बड़ी बात यह देखने को मिली कि इस चुनाव में मुस्लिम समुदाय ने बीजेपी के लोगों के साथ संवाद किया। पार्टी का दावा है कि मुस्लिम मतदाता आप से दूर हो चुके हैं,लेकिन वोट किसे दें, इसको लेकर आखिर वक्त तक असमंजस में रहे। लेकिन, अगर बीजेपी की रणनीति इनके बीच कारगर रही और कुछ प्रतिशत वोट भी इधर से उधर हुआ तो आम आदमी पार्टी को झटका लग सकता है।












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