नरेश कुमार ही बने रहेंगे दिल्ली के मुख्य सचिव, केंद्र के फैसले को मिली सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
Supreme Court upholds extension of Delhi Chief Secretary's tenure: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को बड़ा झटका दिया है। मुख्य सचिव के कार्यकाल को 6 महीने तक बढ़ाने के प्रस्ताव को आज कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। केंद्र ने सीनियर आईएएस अधिकारी नरेश कुमार का बतौर मुख्य सचिव कार्यकाल के कार्यकाल को छह महीने और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। केजरीवाल सरकार ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। जिसके बाद यह मामले सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। जहां केंद्र सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के हक़ में फैसला सुनाते हुए कहा कि केंद्र का निर्णय "शक्तियों के संवैधानिक वितरण का उल्लंघन नहीं है।" नरेश कुमार का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष अदालत ने कहा कि मुख्य सचिव जो पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित हैं उनका कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार केंद्र को है। ये अधिकार दिल्ली सरकार के दायरे से बाहर हैं। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि कार्यकाल का विस्तार प्रथम दृष्टया वैध है।
मुख्य सचिव नरेश कुमार 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। नरेश कुमार 1987 बैच के एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अधिकारी हैं। इससे पहले वह अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव रह चुके हैं। नरेश कुमार ने पिछले साल अप्रैल में विजय देव की जगह बतौर दिल्ली के मुख्य सचिव के तौर पर पद संभाला था। वो नई दिल्ली नगरपालिका परिषद में चेयरमैन भी रह चुके हैं।
यह देखें: गोपाल राय बोले- दिल्ली के प्रदूषण में सुधार,लेकिन GRAP-1 और GRAP-2 के नियम लागू रहेंगे












Click it and Unblock the Notifications