Neet Paper Leak Case में भाई संग अरेस्ट Dinesh Binwal कौन है? BJP से जुड़े तार? अशोक गहलोत ने किए बड़े खुलासे
Neet Paper Leak Case Update: देशभर के 22 लाख से ज्यादा मेडिकल अभ्यार्थी के भविष्य को लेकर छिड़े विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक रंग ले लिया है। NTA ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है और CBI जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में राजस्थान के जमवारामगढ़ (जयपुर ग्रामीण) से गिरफ्तार दो भाइयों दिनेश बिंवाल और मांगीलाल बिंवाल पर पेपर लीक का बड़ा आरोप है।
कांग्रेस ने दिनेश बिंवाल को BJP युवा मोर्चा का पूर्व पदाधिकारी बताते हुए सत्ताधारी BJP पर संरक्षण का आरोप लगाया है, जबकि BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। यह मामला महज एक परीक्षा घोटाला नहीं है। इससे, राज्यों में पेपर लीक माफिया के नेटवर्क और चुनावी राजनीति के गठजोड़ पर गहन सवाल उठाता है। आइए जानते हैं कौन है दिनेश बिंवाल? कैसे BJP से कनेक्शन? कांग्रेस ने क्यों कहा?

Who Is Dinesh Binwal: दिनेश बिंवाल कौन हैं?
दिनेश बिंवाल, जयपुर ग्रामीण जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र से हैं। वायरल पोस्टर्स के अनुसार, वे भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के जिला स्तर के पदाधिकारी रह चुके हैं, जिला महामंत्री या समकक्ष पद पर। उनके फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर BJP नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, स्थानीय विधायक महेंद्र पाल मीणा (जमवारामगढ़) और अन्य BJP नेता शामिल हैं।

एक पोस्टर में दिनेश खुद को 'दिनेश बिंवाल, भाजयुमो जिला मंत्री, जयपुर देहात' लिखकर प्रस्तुत करते दिख रहे हैं। BJP विधायक के जन्मदिन पर शुभकामना पोस्टर लगाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। कांग्रेस ने इन तस्वीरों को शेयर कर BJP पर 'पेपर लीक माफिया' से सांठगांठ का आरोप लगाया है।
30 लाख में पेपर खरीदा, सीकर में छात्रों को बेचा

मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल का बड़ा भाई है। दोनों भाइयों में से एक का बेटा NEET की तैयारी कर रहा था। एसओजी (Special Operations Group) की जांच के अनुसार, आरोपियों ने 26-27 अप्रैल के आसपास पेपर 30 लाख रुपये में खरीदा और फिर इसे कई लोगों को लाखों रुपये में बेचा।

सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए इसे फॉरवर्ड भी किया गया। दिनेश बिंवाल का BJP से जुड़ाव स्थानीय स्तर का बताया जा रहा है। BJP की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है कि वे वर्तमान में पार्टी के किसी पद पर हैं या नहीं। कई BJP नेता पूछताछ पर फोन काट देते हैं, जो राजनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
NEET 2026 पेपर लीक का पूरा टाइमलाइन

कांग्रेस के आरोप और अशोक गहलोत का हमला
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने X (ट्विटर) पर तीखा हमला बोला कि NEET पेपर लीक में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल भाजपा का पदाधिकारी है। क्या यही वजह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने NEET पेपर लीक को छिपाने का प्रयास किया और कोई FIR दर्ज नहीं की? मैं 11 मई से कह रहा था... अब भाजपा की पोल खुल गई है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आरोपी BJP पदाधिकारी और मंत्रियों-विधायकों के करीबी हैं। उन्होंने पूछा कि BJP और पेपर लीक माफिया के बीच क्या रिश्ता है? नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी 9 दिनों तक FIR न दर्ज करने पर सवाल उठाए। कांग्रेस का मुख्य तर्क ये है कि BJP सरकार जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी क्योंकि आरोपी पार्टी से जुड़े थे।
BJP और राजस्थान सरकार का पक्ष
अभी तक BJP या CM भजनलाल शर्मा की सरकार की ओर से दिनेश बिंवाल पर कोई प्रत्यक्ष बचाव नहीं आया है। सरकार का फोकस जांच पर है। CBI जांच चल रही है, जो केंद्र सरकार के अधीन है। राजस्थान BJP सूत्र कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति पार्टी का पूर्व पदाधिकारी रहा हो तो उसे पूरे संगठन से जोड़ना गलत है। कई स्थानीय कार्यकर्ता व्यक्तिगत स्तर पर ऐसे कामों में लिप्त हो सकते हैं। BJP ने अतीत में कांग्रेस शासनकाल में हुए पेपर लीक (REET आदि) का हवाला देकर पलटवार किया है, लेकिन वर्तमान मामले में चुप्पी साधे हुए है।
भारत में पेपर लीक महामारी
NEET 2026 रद्द होना तीसरा बड़ा मामला है। इससे पहले 2024-25 में भी विवाद हुए थे। राजस्थान, बिहार, झारखंड, UP आदि राज्यों में पेपर लीक के संगठित गिरोह सक्रिय हैं। कारण:
- हाई स्टेक परीक्षाएं (NEET, JEE, REET आदि)
- कोचिंग माफिया और प्रॉक्सी सॉल्वर नेटवर्क
- प्रिंटिंग प्रेस, डाक विभाग, पुलिस में सांठगांठ के आरोप
- डिजिटल युग में WhatsApp, Telegram ग्रुप्स से तेज प्रसार
राजस्थान में BJP सरकार है। कांग्रेस 2024 विधानसभा हार के बाद, 2029 के चुनाव को लेकर कमबैक की कोशिश में है। गहलोत-डोटासरा इस मुद्दे को युवा वोटरों तक ले जा रहे हैं। NEET अभयार्थी मुख्य रूप से मध्य वर्ग और ग्रामीण युवा हैं। दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण वोट बैंक। राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष NDA सरकार और शिक्षा मंत्री पर दबाव बना रहा है। मांग है कि NTA को भंग कर स्वायत्त संस्था बनाई जाए, पेपर लीक पर सख्त कानून बने।
युवाओं का भविष्य दांव पर
दिनेश बिंवाल का मामला स्थानीय BJP कनेक्शन दिखाता है, लेकिन पूर्ण सच्चाई CBI रिपोर्ट से सामने आएगी। आरोप-प्रत्यारोप राजनीति का हिस्सा हैं, लेकिन असली पीड़ित 22 लाख युवा हैं जिनका एक साल बर्बाद हो गया। परीक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है। राजनीतिक दल आरोप लगाने के साथ-साथ समाधान भी दें। सिस्टम में सुधार और सख्त कार्रवाई ही युवाओं का विश्वास बहाल कर सकती है। CBI टीम राजस्थान एसओजी मुख्यालय पहुंची। जांच तेज है। NTA ने री-एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी है। छात्रों से अपील है कि शांत रहें, तैयारी जारी रखें।













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