Prateek Yadav ने क्यों हाथ पर बनवाया था खतरनाक सांप वाला टैटू? ‘Nordic Tattoo’ में छिपा है क्या खास रहस्य
Prateek Yadav Tattoo Meaning: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का बुधवार, 13 मई 2026 का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया। भाजपा नेता और राज्य महिला आयाेग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक को सुबह करीब 6 बजे सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के शवगृह में ऑटोप्सी पूरी कर ली गई है, जिसमें मौत का कारण मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोम्बोलिज्म के चलते कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स बताया गया। डॉक्टरों ने शरीर पर कुछ पुराने चोट के निशान भी दर्ज किए और बताया कि बीमारी के कारण बाएं पैर के बड़े अंगूठे का नाखून नीला पड़ गया था।

हालांकि, सिविल अस्पताल ने ज़हर की किसी आशंका से इनकार किया है। ऑटोप्सी में कोई बाहरी चोट नहीं मिली, लेकिन उनके बढ़ते वजन को देखते हुए विसरा और हृदय को आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। प्रतीक यादव की मौत के बाद उनके हाथ पर सांप वाला टैटू जमकर चर्चा में है। आइए जानते हैं इस सांप वाले टैटू का रहस्य क्या है?
Prateek Yadav ने क्यों हाथ में बनवाया था सांप वाला टैटू?
राजनीति परिवार के ताल्लुक रखने वाले प्रतीक यादव की अपनी अलग ही दुनिया था। प्रतीक अपनी फिटनेस, शानदार लग्जरी लाइफस्टाइल और खासतौर पर अपने अनूठे टैटू के लिए सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय थे। अपने हाथ पर इस सांप के डिज़ाइन वाला टैटू जो अब उनकी मौत के बाद चर्चा में है उनकी फोटो उन्होंने खुद शेयर की थी। यह टैटू सिर्फ एक साधारण डिज़ाइन नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक गहरा अर्थ छिपा था, जिसका पौराणिक महत्व भी था।
'Nordic Tattoo' क्या होता है?
प्रतीक यादव के हाथ पर बने इस टैटू को नॉर्डिक पौराणिक कथाओं से प्रेरित माना जाता था। इसमें जॉर्मुनगैंडर नामक एक विशाल साँप को दर्शाया गया था, जिसे मिडगार्ड सर्प भी कहते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह साँप पूरी पृथ्वी को घेरे हुए अपनी ही पूंछ को मुंह में दबाए रहता है।
'Nordic Tattoo' में क्या छिपा है रहस्य?
यह डिज़ाइन ओरोबोरोस के समान है, जो अनंत काल और जीवन के चक्रीय स्वरूप का प्रतीक है। इसका अर्थ यह है कि इस संसार में कुछ भी पूरी तरह समाप्त नहीं होता, बल्कि हर अंत एक नई शुरुआत की ओर ले जाता है। नॉर्डिक प्रतीक जैसे जॉर्मुनगैंडर और वेगाविजिर को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
टैटू के केंद्र में एक पहिए जैसा प्रतीक वेगाविजिर भी था, जिसे नॉर्डिक कंपास कहा जाता है। आइसलैंडिक जादू और लोककथाओं से प्रेरित यह पुराना प्रतीक माना जाता है कि इसे धारण करने वाला व्यक्ति खराब मौसम या मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना रास्ता नहीं भटकता। यह सही मार्गदर्शन और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का भी प्रतीक था।














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