लुक बदला, बाल काटे... पर नहीं बचा पुलिस के जाल से, कौन है शुभम खैरनार? NEET पेपर लीक मामले में हुआ गिरफ्तार
Shubham Khairnar: NEET 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र के नासिक जिले से शुभम खैरनार नाम के युवक को हिरासत में लिया गया है, जिसे जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक एक कथित "गेस पेपर" पहुंचाया गया था, जिसके कई सवाल असली पेपर से मेल खाते थे। इसी खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया। जांच अब राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैल चुकी है। CBI ने भी केस अपने हाथ में ले लिया है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

कौन है शुभम खैरनार? (Who is Shubham Khairnar)
शुभम खैरनार महाराष्ट्र के नासिक जिले के नांदगांव का रहने वाला बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह BAMS का छात्र है। राजस्थान पुलिस से मिले इनपुट के बाद नासिक के इंदिरानगर इलाके में उसे हिरासत में लिया गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि शुभम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना लुक बदलने की कोशिश की थी।
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उसने अपने बाल छोटे करवा लिए थे ताकि पहचान छिपाई जा सके। हालांकि पुलिस ने पुराने फोटो, लोकल इनपुट और निगरानी के आधार पर उसकी पहचान कर ली। अधिकारियों के अनुसार वह एक मंदिर की ओर जा रहा था, तभी पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।
गेस पेपर के नाम पर रचा गया सारा खेल
जांच में सामने आया है कि NEET 2026 का कथित लीक पेपर परीक्षा से पहले छात्रों तक "गेस पेपर" बताकर पहुंचाया गया था। बाद में जब परीक्षा हुई तो कई सवाल असली पेपर से मिलते पाए गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, केमिस्ट्री के 45 सवाल असली पेपर से मैच हुए और बायोलॉजी के 90 सवाल लगभग हूबहू मिले
जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर पहले सीमित लोगों तक पहुंचाया गया और फिर इसे अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया। सूत्रों के मुताबिक शुभम खैरनार ने कथित तौर पर यह पेपर करीब 10 लाख रुपये में खरीदा था और बाद में लगभग 15 लाख रुपये में आगे बेचा। जांच एजेंसियां अब पैसों के लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
राजस्थान से खुला पूरा मामला
इस केस में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने अहम भूमिका निभाई। अलग-अलग जिलों में लगातार पूछताछ के बाद पुलिस को कई अहम सुराग मिले। IG अजय पाल लाम्बा ने बताया कि सीकर, झुंझुनूं, अलवर, जयपुर सिटी, जयपुर ग्रामीण पुलिस और SOG टीमों ने मिलकर 150 से ज्यादा छात्रों, उनके दोस्तों और परिवार वालों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान यह साफ हुआ कि परीक्षा से पहले पेपर हरियाणा के एक व्यक्ति के जरिए राजस्थान पहुंचा था।
बाद में जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि पेपर का लिंक महाराष्ट्र के नासिक से जुड़ा हुआ है। यही जानकारी NTA और केंद्र सरकार को दी गई, जिसके बाद NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
CBI ने संभाली जांच की कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी है। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर सबसे पहले कहां से लीक हुआ और किन-किन लोगों तक पहुंचा। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में कोचिंग से जुड़े लोग या दूसरे एजेंट भी शामिल थे। पुलिस को शक है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है।
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